Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ की तबाही, मरने वालों की संख्या 150 के पार, मूसलाधार बारिश के बीच स्कूल कॉलेज बंद

Nepal Flood Updates: काठमांडू घाटी में, जहां 37 लोगों की मौत हो गई है, बाढ़ ने ट्रैफिक और डेली लाइफ पर बिल्कुल ब्रेक सा लगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने पिछले 40-45 सालों में घाटी में इस पैमाने की बाढ़ और तबाही नहीं देखी है। नेपाल में भूस्खलन के कारण शनिवार से नेशनल हाईवे ब्लॉक हैं, जिससे सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं

अपडेटेड Sep 29, 2024 पर 11:00 PM
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Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ की तबाही, मरने वालों की संख्या 150 के पार

नेपाल में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 151 हो गई है, जबकि रविवार तक 56 लोग अभी भी लापता हैं। सरकार ने आपदा को देखते हुए स्कूलों को तीन दिन के लिए बंद करने की घोषणा की है। रॉयटर्स ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि शुक्रवार से, पूर्वी और मध्य नेपाल के बड़े इलाकों में बाढ़ आ गई है, जिससे अलग-अलग इलाके अचानक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

काठमांडू घाटी में, जहां 37 लोगों की मौत हो गई है, बाढ़ ने ट्रैफिक और डेली लाइफ पर बिल्कुल ब्रेक सा लगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने पिछले 40-45 सालों में घाटी में इस पैमाने की बाढ़ और तबाही नहीं देखी है।

322 घर और 16 पुल नष्ट हो गए


नेपाल में भूस्खलन के कारण शनिवार से नेशनल हाईवे ब्लॉक हैं, जिससे सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 322 घर और 16 पुल नष्ट हो गए हैं, बचाव कोशिशों के लिए 20,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। अब तक करीब 3,626 लोगों को बचाया जा चुका है और ऑपरेशन जारी है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ऋषिराम तिवारी ने बताया कि भूस्खलन से प्रभावित हाईवे सेक्श को फिर से खोलने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

शनिवार को काठमांडू के पास ढाडिंग जिले में भूस्खलन से एक बस के दब जाने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि भक्तपुर में एक घर ढह जाने से पांच और लोगों की मौत हो गई।

भूस्खलन में बह गई दो बसों से 16 शव निकाले

टेलीविजन फुटेज में घुटनों तक ऊंचे जूते पहने पुलिस को कीचड़ साफ करने और काठमांडू के एक मेजर रूट पर भूस्खलन में बह गई दो बसों से 16 शवों को निकालने के लिए उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है।

मौसम अधिकारियों ने भीषण बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में कम दबाव प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया, जिसने नेपाल के कुछ हिस्सों और भारत के आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित किया।

इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) के जलवायु विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नेपाल में अनियोजित विकास जलवायु परिवर्तन से पैद हुए खतरों को बदतर बना रहा है।

ICIMOD के एक पर्यावरण अधिकारी अरुण भक्त श्रेष्ठ के हवाले से रॉयटर्स ने कहा काठमांडू में बाढ़ का यह लेवल जबरदस्त था।

बिहार भी आया बाढ़ की जद में

ICIMOD ने सरकार और शहरी योजनाकारों से स्टॉर्मवाटर ड्रेनेज और सीवेज सिस्टम जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार में तेजी से निवेश करने का आग्रह किया है, जिसमें इंजीनियर (ग्रे) और प्रकृति-आधारित (हरा) दोनों समाधान शामिल हैं।

शुक्रवार और शनिवार को पूर्वी और मध्य नेपाल में भारी बारिश के बाद काठमांडू में बागमती नदी खतरनाक स्तर से ऊपर बताई गई है।

शनिवार को हुई तेज बारिश के कारण मानसून ट्रफ की असामान्य स्थिति और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव प्रणाली को बताया गया।

जहां दक्षिणपूर्वी नेपाल में कोशी नदी में जल स्तर गिरना शुरू हो गया है, तो वहीं नदी अपने सामान्य स्तर से लगभग तीन गुना ज्यादा बह रही है, जिससे भारत के बिहार में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

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