Niger Coup: पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर में सेना ने किया तख्तापलट, राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को हिरासत में लिया
Niger Coup: अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक फोन कॉल पर राष्ट्रपति को वाशिंगटन के समर्थन का वादा किया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से बात की है और UN के समर्थन की पेशकश की है। बजौम पश्चिम अफ्रीका में इस्लामी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में पश्चिमी देशों के सहयोग के बड़े पैरोकार रहे हैं
Niger Coup: पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर में सेना ने किया तख्तापलट, राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को हिरासत में लिया
Niger Coup: पश्चिमी अफ्रीकी (West African) देश नाइजर (Niger) में सेना ने तख्तापलट (Military Coup) कर दिया है। सैनिकों ने नेशनल टीवी पर तख्तापलट का ऐलान किया। सेना ने कहा कि उसने देश के संविधान को भंग कर दिया है। सभी संस्थानों को निलंबित कर दिया है और देश की सीमाओं को भी बंद कर दिया गया है। नाइजर के राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम (Mohamed Bazoum) को बुधवार सुबह से ही प्रेसिडेंशियल गार्ड के सैनिकों ने हिरासत में ले लिया।
BBC के मुताबिक, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक फोन कॉल पर राष्ट्रपति को वाशिंगटन के समर्थन का वादा किया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से बात की है और UN के समर्थन की पेशकश की है। बजौम पश्चिम अफ्रीका में इस्लामी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में पश्चिमी देशों के सहयोग के बड़े पैरोकार रहे हैं।
इससे पहले दो पड़ोसी देशों- माली और बुर्किना फासो में पिछले कुछ सालों पहले ही जिहादी विद्रोह के कारण तख्तापलट हो चुका है। दोनों देशों में नए सैन्य नेताओं का फ्रांस के साथ मतभेद हो गया है। फ्रांस ने पहले नाइजर पर भी शासन किया था।
बजौम फिलहाल कहां हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन गुरुवार सुबह ट्विटर पर एक बयान में उन्होंने कहा था- "कड़ी मेहनत से हासिल की गई जीत की रक्षा की जाएगी और लोकतंत्र से प्यार करने वाले नाइजीरियाई लोग इसे देखेंगे।"
विदेश मंत्री हसौमी मसूदौ ने इस तख्तापलट के खिलाफ आवाज उठाई और हेड ऑफ स्टेट घोषित किया। उन्होंने सभी लोकतंत्रवादियों से "इस दुस्साहस को विफल बनाने" का आह्वान किया है।
तख्तापलट के बाद क्या-क्या बदला?
बुधवार को टीवी घोषणा में, कर्नल मेजर अमादौ अब्द्रमाने ने कहा: "सेना और सुरक्षा बलों ने उस शासन को खत्म करने का फैसला किया है, जिसे आप जानते हैं।" इस संबोधन के दौरान उनके पीछे वर्दी में नौ और सैनिक भी खड़े दिखे।
उन्होंने कहा, "लगातरा बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था, खराब आर्थिक और सामाजिक प्रशासन के कारण ही ये कदम उठाया गया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि देश के सभी संस्थानों को निलंबित कर दिया गया है और मंत्रालयों के प्रमुख रोजमर्रा के कामकाज का ध्यान रखेंगे।
उन्होंने आगे कहा, "सभी बाहरी देशों और सहयोगियों से इसमें हस्तक्षेप न करने के लिए कहा जाता है। स्थिति स्थिर होने तक जमीन और हवाई सीमाएं भी बंद रहेंगी।" उन्होंने कहा कि अगले आदेश तक नाइट कर्फ्यू स्थानीय समयानुसार 22:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक लागू रहेगा।
कर्नल मेजर अब्द्रमाने ने कहा कि सैनिक नेशनल काउंसिल फॉर द सेफगार्ड ऑफ द होमलैंड (CNSP) के लिए काम कर रहे थे।
सैनिकों की टीवी घोषणा के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री ब्लिंकन ने राष्ट्रपति बजौम की रिहाई की अपील की।
उन्होंने न्यूजीलैंड में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि "ये सीधे-सीथे बलपूर्वक सत्ता पर कब्जा करने और संविधान को बाधित करने की कोशिश है।"
पड़ोसी माली में, भारी हथियारों से लैस रूसी वैगनर भाड़े के सैनिक जिहादी विद्रोहियों से लड़ने में सैन्य शासन की मदद कर रहे हैं। नाइजर में तख्तापलट की घटना ऐसे समय में हुआ, जब वैगनर ऑपरेशन और साहेल क्षेत्र की अस्थिरता को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएं चरम पर हैं।
अफ्रीका में रूस के प्रभाव बढ़ाने की इच्छा के साथ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को सेंट पीटर्सबर्ग में अफ्रीकी नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं।
पश्चिम अफ्रीका के आर्थिक गुट इकोवास ने कहा है कि वह नाइजर में "शक्ति से सत्ता पर कब्जा करने की प्रयास की कड़े शब्दों में निंदा करता है।"
टैलोन ने कहा कि नाइजर में संवैधानिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए अगर जरूरी हुआ तो "सभी साधनों" का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन अच्छा यही होगा कि सब कुछ शांति और सद्भाव में किया जाए।
इससे पहले बुधवार को नियामी में भीड़ राष्ट्रपति बजौम के समर्थन में सड़कों पर उतर आई थी। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल टीवी के दफ्तर के बाहर राष्ट्रपति के वफादार सैनिकों का जमावड़ा भी देखा गया था।
शहर के ज़्यादातर हिस्सों में शांति थी, हालांकि तख्तापलट करने वाले सैनिकों ने विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए गोलियां तक चलाईं।
नाइजर में अब तक चार बार तख्तापलट
नाइजर दो इस्लामी विद्रोहों से जूझ रहा है - एक दक्षिण-पश्चिम में, जिसकी शुरुआत 2015 में माली से हुई थी, और दूसरा दक्षिण-पूर्व में, जिसमें उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया के जिहादी शामिल थे। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट दोनों से जुड़े आतंकवादी समूह देश में सक्रिय हैं।
राष्ट्रपति बजौम साल 2021 में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए थे। वह फ्रांस और दूसरे पश्चिमी देशों के करीबी सहयोगी हैं।
1960 में फ्रांस से आजादी के बाद से नाइजर में अब तक चार बार तख्तापलट हो चुका है और इसके अलावा भी कई बार तख्तापलट की कोशिशें हो चुकी है।