चीन (China) में कोरोना संक्रमण के नए मामले रोज नए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। चीन के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर शंघाई (Shanghai) में हालात बदतर है। कोरोना के मामले में यहां वुहान से भी ज्यादा हालत खस्ता हो गई है। फाइनेंशियल हब के रूप में अपनी पहचान बना चुके शंघाई में ओमीक्रोन के सब वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। प्रशासन ने कोरोना वायरस के प्रसार पर लगाम कसने के लिए बड़े पैमाने पर टेस्टिंग शुरू कर दी है, लेकिन हालात हैं कि काबू में आने का नाम नहीं ले रहे हैं।
शंघाई में कुल मामले 94,000 पार
2.6 करोड़ की आबादी वाले शहर शंघाई में सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है। इसके बावजूद यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद दिनों दिन तेजी से बढ़ती जा रही है। शहर में लगातार पांचवें दिन रिकॉर्डतोड़ मामले सामने आए हैं। एक दिन में 17,007 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सामने आई है। 1 मार्च से अब तक कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 94,000 पार कर गई है। अधिकारियों ने बताया कि यहां स्थिति बेहद गभीर (extremely grim) है।
देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शंघाई ने कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले में वुहान (Wuhan) को पछाड़ दिया है। कोरोना वायरस का जन्म चीन के वुहान शहर में ही हुआ था। वुहान में 12 फरवरी 2020 को 13,436 नए कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए थे। यह एक दिन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था। लेकिन इस रिकॉर्ड को भी अब शंघाई ने तोड़ दिया है। शहर में मंगलवार को 311 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और 16,766 asymptomatic केस सामने आए हैं। शहर में रविवार को बड़े पैमाने पर एंटीजन (antigen) टेस्ट किया गया।
शंघाई में स्थिति का अंदाजा इसी बाद से लगाया जा सकता है कि यहां के सभी अस्पताल फुल चल रहे हैं। किसी भी अस्पताल में संक्रमित मरीजों को एडमिट करने की जगह नहीं है। हालांकि चीन का दावा है कि शंघाई में इस लहर में कोरोना संक्रमण से अभी तक 1 भी मौत नहीं हुई है। बता दें कि घाई में कोरोना टेस्ट करने के लिए सरकार ने देश भर से 10,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को भेजा है। इनमें 2,000 से ज्यादा सेना के डॉक्टर शामिल हैं। शहर के हर नागरिक का न्यूक्लिक एसिड टेस्ट किया जा रहा है। ये काम सोमवार से शुरू हुआ है। चीन ने वुहान के तर्ज पर शंघाई में कोरोना टेस्ट शुरू किया है।