आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के खतरों को लगातार आशंकाएं जताई जा रही हैं लेकिन ओपनएआई के सीईओ का मानना है कि बिना टेक्नोलॉजी की सभ्यता लंबे समय तक नहीं फल-फूल सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके रिस्क के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है यानी कि इससे खतरे क्या हैं, यह अभी किसी ने देखा नहीं है। अमेरिकन एआई कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम आल्टमैन का मानना है कि मानवता आत्मघाती रास्ते पर चल रही है लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) इसका समाधान पेश कर सकती है। सैम का कहना है कि अगर हम दसियों या सैकड़ों लाखों, या हजारों लाखों वर्षों तक फलना-फूलना चाहते हैं तो हमें टेक्नोलॉजी की जरूरत है। उन्होंने ये बातें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में एक पैनल में कही।
मिसइंफॉर्मेशन का खतरा लेकिन AI से ही लगेगी लगाम
इस समारोह में सैम आल्टमैन के साथ मेटा प्लेटफॉर्म के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स और गूगल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भी उपस्थित थे और ये लोग AI की खूबियों पर बातचीत करने के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें कुछ रिस्क हो सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इमेजेज और वीडियोज को लेकर जो फर्जीवाड़ा हो रहा, वह बड़ा रिस्क नहीं है। तो फिर रिस्क क्या है, इसे लेकर उन्होंने कहा कि इसे लेकर अभी कुछ नहीं कर सकते हैं और यह भी पूरी तरह से नहीं पता है कि यह काम कैसे करेगा। क्रिस कॉक्स के मुताबिक एआई से मिसइंफॉर्मेशन की दिक्कतें बढ़ सकती हैं लेकिन वायरल होने पहले इसका पता लगाने में भी कारगर होगा।
क्रिस कॉक्स ने कहा कि मेटा ने अपने ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लॉर्ज लामा 2 (Llama 2) को विकसित करते समय व्हाइट हाउस के अधिकारियों और सांसदों समेत विभिन्न लोगों के साथ काम किया था। उनका मानना है कि ये सभी कदम जरूरी हैं क्योंकि यहां भरोसे की बात नहीं कर सकते। सैम आल्टमैन एआई पर सरकारी निगरानी के सपोर्ट में हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अगली दो पीढ़ियों के लिए हैवी रेगुलेशन की जरूरत नहीं है लेकिन जब किसी मॉडल का आउटपुट किसी कंपनी या किसी एक देश या पूरी दुनिया के बराबर हो जाए तो कुछ निगरानी करनी ही होगी।