पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने इंटरेस्ट रेट 2.5% बढ़ाया... तो क्या डूबने के करीब है पाक इकोनॉमी?

अनुमान है कि पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पाक की करेंसी को गिरने से बचाने के लिए पॉलिसी रेट को इतना ज्यादा बढ़ाया है

अपडेटेड Apr 07, 2022 पर 9:46 PM
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देश में राजनीतिक अनिश्चितता के चलते पाकिस्तानी रुपया की वैल्यू 5 फीसदी घट गई है।

पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक (Pak Central Bank) ने पॉलिसी रेट 2.5 फीसदी बढ़ा दिया है। गुरुवार को सेंट्रल बैंक की इमरजेंसी मीटिंग हुई। इसमें पॉलिसी रेट (Pak Policy Rate) में एक बार में ढाई फीसदी वृद्धि करने का फैसला लिया गया। इसके बाद पॉलिसी रेट बढ़कर 12.25 फीसदी हो गया है। एक बार में पॉलिसी रेट में इतनी ज्यादा वृद्धि का फैसला हैरान करने वाला है। क्या यह पाकिस्तान की इकोनॉमी के गंभीर संकट में फंसने का संकेत है?

पाकिस्तानी करेंसी की वैल्यू 5 फीसदी घटी

पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (State Bank of Pakistan) ने गुरुवार को कहा, "देश में राजनीतिक अनिश्चितता के चलते पाकिस्तानी रुपया की वैल्यू घट गई है।" अनुमान है कि पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने रुपया को गिरने से बचाने के लिए यह कदम उठाया है।


स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने कहा, "मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की पिछली बैठक के बाद से इनफ्लेशन आउटलुक खराब हुआ है। इससे एक्सटर्नल स्टैबिलिटी को लेकर रिस्क बढ़ गया है। उधर, राजनीतिक अनिश्चितता बहुत बढ़ जाने से रुपया डॉलर के मुकाबले 5 फीसदी गिरा है।"

यूक्रेन क्राइसिस का पाक इकोनॉमी पर पड़ा है असर

एसबीपी ने कहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रही लड़ाई और अमेरिकी में फेडरल रिजर्व के मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाने से मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (SBP की) पॉलिसी रेट बढ़ाने को मजूबर हुई है। गुरुवार से पहले पाकिस्तान में पॉलिसी रेट 9.75 फीसदी था।

पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने यह भी कहा है कि क्रूड ऑयल सहित कमोडिटी की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने की उम्मीद है। उधर, अमेरिका में फेडरल रिजर्व के उम्मीद के मुकाबले इंटरेस्ट रेट में जल्द बढ़ोतरी करने की उम्मीद है। इसके चलते फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में एवरेज इनफ्लेशन अनुमान के मुकाबले थोड़ा ज्यादा यानी 11 फीसदी रहने की उम्मीद है।

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शुक्रवार को आरबीआई रेपो रेट पर लेगा फैसला

आम तौर पर पॉलिसी रेट में इतनी ज्यादा वृद्धि देखने को नहीं मिलती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) शुक्रवार को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी पेश करेगा। माना जा रहा है कि वह पॉलिसी रेट या रेपो रेट में इस बार कोई बदलाव नहीं करेगा।

पाकिस्तान के सामने डबल चैलेंज

पाकिस्तान अभी बहुत मुश्किल वक्त का सामना कर रहा है। वहां राजनीतिक अस्थिरता के हालात पिछले एक हफ्ते से बने हुए हैं। अभी यह कहना मुश्किल है कि वहां की राजनीति किस करवट बैठेगी। सुप्रीम कोर्ट अब इमरान सरकार का भविष्य तय करने वाला है।

इमरान के कार्यकाल में कमजोर हुई इकोनॉमी

उधर, पाक इकोनॉमी की हालत दिन ब दिन बिगड़ रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमरान खान ने पाक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की जगह कमजोर करने का काम किया है। उनकी पॉलिसी का नतीजा है कि वहां महंगाई आसमान छू रही है।

वादे पूरे करने में नाकाम रहे इमरान

इमरान खान 2018 में देश में रोजगार के मौके बढ़ाने, इकोनॉमी (Pak Economy) को मजबूत बनाने और करप्शन खत्म करने के वादों के साथ प्रधानमंत्री बनने में कामयाब हो गए थे। उन्होंने देश के गरीब लोगों की जिंदगी आसान बनाने का भी प्रॉमिस किया था।

महंगाई ने बढ़ाई लोगों की दिक्कतें

चार साल बाद पाकिस्तान इन वादों से बहुत दूर खड़ा दिखता है। वहां इनफ्लेशन आसमान में पहुंच गया है। यह एशिया में सबसे ज्यादा है। जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब लोगों की जिंदगी नर्क हो गई है। इससे लोगों में इमरान के खिलाफ गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।

रुपया में आई है बड़ी गिरावट

पाकिस्तानी रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। एक साल से कम समय में डॉलर के मुकाबले यह 14 फीसदी कमजोर हो चुका है। एक डॉलर की कीमत 186 पाकिस्तानी रुपये हो गई है। एक महीना पहले यह 174 के लेवल पर था।

पाक रुपया पहले कभी इतना कमजोर नहीं था। किसी देश की करेंसी की वैल्यू गिरने का असर सभी लोगों पर पड़ता है। गरीब लोगों पर इसकी मार ज्यादा पड़ती है। दरअसल, करेंसी कमजोर होने से आयातित चीजें महंगी हो जाती हैं। पाकिस्तान अपनी जरूरत की कई चीजें आयात करता है।

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