Peshawar Blast: पाकिस्तान के पेशावर में हुए आत्मघाती बम विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 हुई, 150 से ज्यादा घायल
Pakistan Mosque Blast Updates: पेशावर में हाई सिक्योरिटी वाले क्षेत्र में खचाखच भरी एक मस्जिद में दोपहर की नमाज की दौरान एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोट कर खुद को उड़ा लेने से कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में 150 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ घायलों के हालात गंभीर बताया जा रहा है
Pakistan Blast: विस्फोट उस वक्त मस्जिद में हुआ जब बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए जमा हुए थे
Pakistan Mosque Blast Updates: पाकिस्तान के पेशावर (Peshawar Blast) में स्थित एक मस्जिद में सोमवार को हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है। पाकिस्तान में अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में हाई सिक्योरिटी वाले क्षेत्र में खचाखच भरी एक मस्जिद में सोमवार को दोपहर की नमाज की दौरान एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोट कर खुद को उड़ा लेने से कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई जबकि 150 से अधिक अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि मरने वालों में अधिकांश पुलिस अधिकारी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दोपहर एक बजकर करीब 40 मिनट पर पुलिस लाइन्स क्षेत्र के समीप जब नमाजी ज़ौहर (दोपहर) की नमाज पढ़े रहे थे तब अगली पंक्ति में बैठे आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया। उनके अनुसार विस्फोट के बाद मस्जिद की छत नमाजियों पर गिर गई। उनके मुताबिक नमाजियों में पुलिस, सेना और बम निष्क्रिय दस्ते के कर्मी थे।राजधानी शहर पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ), पेशावर मोहम्मद एजाज खान ने कहा कि विस्फोट में 70 लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने कहा कि विस्फोट के समय इलाके में 300 से 400 पुलिस अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने मीडिया से कहा, ‘यह स्पष्ट है कि सुरक्षा में चूक हुई है।’ मृतकों में कम से कम पांच उप-निरीक्षक और मस्जिद के इमाम मौलाना साहिबजादा नूरुल अमीन शामिल थे। लेडी रीडिंग अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
TTP ने ली हमले की जिम्मेदारी
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने कहा कि यह आत्मघाती हमला अफगानिस्तान में पिछले साल अगस्त में मार दिये गये टीटीपी कमांडर उमर खालिद खुरसानी की मौत का बदला है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट से मस्जिद का एक हिस्सा ढह गया और माना जाता है कि कई लोग उसके मलबे के नीचे दबे हैं।
पुलिस के अनुसार बम हमलावर पुलिस लाइन्स के अंदर, चार स्तरीय सुरक्षा वाली मस्जिद में घुस गया। प्रांतीय पुलिस प्रमुख मुअज्जम जाह अंसारी ने कहा है कि पुलिस विस्फोट की जांच कर रही है और यह पता लगा रही है कि बम हमलावर इस अति सुरक्षा वाली मस्जिद में कैसे घुसा। उन्होंने आशंका प्रकट की कि धमाके से पहले बम हमलावर पुलिस लाइंस में रह रहा होगा, क्योंकि पुलिस लाइंस के अंदर ‘फैमिली क्वाटर्स’ भी हैं।
पेशावर पहुंचे पीएम शहबाज शरीफ
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा के लिए पेशावर पहुंचे। प्रधानमंत्री यहां सेना प्रमुख के साथ लेडी रीडिंग अस्पताल भी गए और घायलों के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की। गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह एवं अन्य अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने एक इमरजेंसी बैठक बुलाई, जहां प्राथमिक जांच रिपोर्ट पेश की गई। पुलिस महानिरीक्षक अंसारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि बम हमलावर कहां से आया है और कैसे वह पुलिस लाइंस के अंदर आ गया।
पेशावर के पुलिस अधीक्षक (जांच) शाहजाद कौकब ने मीडिया को बताया कि जब नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में वह दाखिल ही हुए थे तभी यह धमाका हुआ। लेकिन सौभाग्य से उनकी जान बच गई। उनका कार्यालय मस्जिद के पास ही है। पुलिस लाइंस में शाम को मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह कहते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की कि इस घटना के पीछे जिन हमलावरों का हाथ है, उनका ‘‘इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।’’
पीएम ने कहा कि आतंकवादी उन लोगों को निशाना बनाकर डर पैदा करना चाहते हैं जो पाकिस्तान की रक्षा करने का कर्तव्य निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विस्फोट में मारे गये लोगों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि समूचा राष्ट्र आतंकवाद की इस बुराई के विरूद्ध लड़ाई में एकजुट है। शरीफ ने कहा कि अशांत खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुकाबला करने के लिए समग्र रणनीति अपनाई जाएगी। सरकार प्रातों को उनकी आतंकवाद विरोधी क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी।
इमरान खान ने की हमले की निंदा
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख खान ने ट्वीट किया, ‘‘जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों और जो लोग घायल हुए हैं, उनके प्रति मेरे गहरी संवेदना है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि हम खुफिया सूचना संग्रहण में सुधार लाएं और पुलिस बलों को आतंकवाद के बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए उपयुक्त रूप से मजबूत बनाएं।
पिछले साल शहर के कोचा रिसलदार इलाके में एक शिया मस्जिद में ऐसे ही हमले में 63 लोगों की जान चली गई थी। टीटीपी पाकिस्तान सरकार के साथ संघर्षविराम से पीछे हट गया है और उसने अपने आतंकवादियों को देशभर में आतंकवादी हमला करने का हुक्म जारी किया है। उसपर 2009 में सेना मुख्यालय, सैन्य अड्डों पर हमले, 2008 में मैरिएट होटल में बम विस्फोट समेत कई घातक हमलों में शामिल रहने का आरोप है। बताया जाता है कि वह अल कायदा का करीबी है।