PM Modi-Biden Talk Bangladesh Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पिछले सप्ताह फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बांग्लादेश में लोगों की सुरक्षा और वहां लोकतांत्रिक संस्थानों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' ने यह जानकारी दी। 'व्हाइट हाउस' के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने बुधवार (4 सितंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत के दौरान बाइडेन और पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हुए हालिया घटनाक्रम को लेकर चिंताएं व्यक्त कीं।
सूत्रों की मानें तो बातचीत में बाइडेन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक लोगों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "राष्ट्रपति (बाइडेन) ने बांग्लादेश में लोगों की सुरक्षा तथा वहां मौजूद लोकतांत्रिक संस्थानों के भविष्य को लेकर स्पष्ट तौर पर अपनी चिंता साझा की।"
दोनों नेताओं के बीच 26 अगस्त को फोन पर बातचीत हुई थी। उसके बाद 'व्हाइट हाउस' द्वारा जारी बयान में बांग्लादेश का जिक्र नहीं किया गया था। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी के एक पोस्ट और उनके कार्यालय (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा जारी बयान में उल्लेख किया गया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान बांग्लादेश के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा था, "दोनों नेताओं ने बांग्लादेश में हालात को लेकर साझा चिंताएं जताई थीं। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की बहाली, अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।"
X पर अपने पोस्ट में PM मोदी ने कहा था, "हमने बांग्लादेश में हालात पर भी चर्चा की और बांग्लादेश में सामान्य स्थिति शीघ्र बहाल किए जाने तथा अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।"
यूक्रेन यात्रा पर भी दी प्रतिक्रिया
जॉन किर्बी ने यह भी कहा है कि अमेरिका ऐसे किसी भी देश का स्वागत करता है जो यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने में मदद करने का प्रयास करना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में रूस की यात्रा के बाद यूक्रेन की यात्रा की थी। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मोदी से फोन पर बात की। किर्बी से इस बातचीत के संबंध में सवाल किया गया और उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि भारत युद्ध को समाप्त करने में भूमिका निभा सकता है।
किर्बी ने कहा, "ऐसा कोई भी देश जो इस युद्ध को समाप्त करने में मदद करने के लिए तैयार है और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के विशेषाधिकारों, यूक्रेनी लोगों के विशेषाधिकारों, न्यायपूर्ण शांति स्थापना की उनकी योजना को ध्यान में रखते हुए ऐसा करता है, हम उसकी भूमिका का निश्चित ही स्वागत करेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि भारत शांति कायम करने में भूमिका निभा सकता है, व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा, "हम निश्चित रूप से ऐसी उम्मीद करते हैं।" बाइडन ने फोन पर बातचीत के दौरान मोदी की पोलैंड और यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्राओं के लिए उनकी सराहना की, जो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। उन्होंने यूक्रेन में शांति स्थापना और मानवीय मदद के उनके संदेश की भी सराहना की।