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Bangladesh Crisis: US राष्ट्रपति बाइडेन ने पीएम मोदी से की बात, बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर जताई चिंता

PM Modi-Biden Talk Bangladesh Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच 26 अगस्त को फोन पर बातचीत हुई थी। उसके बाद 'व्हाइट हाउस' द्वारा जारी बयान में बांग्लादेश का जिक्र नहीं किया गया था। बातचीत के दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यक लोगों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा और वहां लोकतांत्रिक संस्थानों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की

Akhileshअपडेटेड Sep 05, 2024 पर 9:50 AM
Bangladesh Crisis: US राष्ट्रपति बाइडेन ने पीएम मोदी से की बात, बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
India-US Dialogue: पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा के तीन दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फोन किया

PM Modi-Biden Talk Bangladesh Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पिछले सप्ताह फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बांग्लादेश में लोगों की सुरक्षा और वहां लोकतांत्रिक संस्थानों के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' ने यह जानकारी दी। 'व्हाइट हाउस' के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने बुधवार (4 सितंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत के दौरान बाइडेन और पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हुए हालिया घटनाक्रम को लेकर चिंताएं व्यक्त कीं।

सूत्रों की मानें तो बातचीत में बाइडेन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक लोगों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "राष्ट्रपति (बाइडेन) ने बांग्लादेश में लोगों की सुरक्षा तथा वहां मौजूद लोकतांत्रिक संस्थानों के भविष्य को लेकर स्पष्ट तौर पर अपनी चिंता साझा की।"

दोनों नेताओं के बीच 26 अगस्त को फोन पर बातचीत हुई थी। उसके बाद 'व्हाइट हाउस' द्वारा जारी बयान में बांग्लादेश का जिक्र नहीं किया गया था। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी के एक पोस्ट और उनके कार्यालय (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा जारी बयान में उल्लेख किया गया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान बांग्लादेश के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा था, "दोनों नेताओं ने बांग्लादेश में हालात को लेकर साझा चिंताएं जताई थीं। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की बहाली, अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।"

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