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G20 देशों के वित्तमंत्रियों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध होगा सबसे बड़ा मसला, इन विषयों पर भी चर्चा की उम्मीद

G20 देशों के वित्तमंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर्स की बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब रूस-यूक्रेन लड़ाई का एक साल पूरा हो गया है। इस लड़ाई की वजह से दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ा है। कई देश कर्ज के जाल में फंसने को मजबूर हो गए हैं

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 21, 2023 पर 9:58 AM
G20 देशों के वित्तमंत्रियों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध होगा सबसे बड़ा मसला, इन विषयों पर भी चर्चा की उम्मीद
रूस और यूक्रेन की लड़ाई का एक साल पूरा हो गया है। पिछले साल 22 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था।

फाइनेंस मिनिस्टर्स और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर्स की G20 की बैठक में यूक्रेन-रूस लड़ाई (Russia-Ukraine War) पर सबसे ज्यादा चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक 24-25 फरवरी को बेंगलुरु में होने जा रही है। इस लड़ाई की वजह से खासकर यूक्रेन के लाखों लोगों की जिंदगी नर्क बन चुकी है। साथ ही वित्तीय अस्थिरता का खतरा भी पैदा हुआ है। सीएनबीसी-टीवी18 को जानकारी मिली है कि मिनिस्ट्रियल डेक्लेरेशन (Ministerial Declaration) में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी की कड़ी आलोचना शामिल होगी। उच्च-स्तरीय बैठक से पहले एक अधिकारी ने कहा कि कूटनीति और बातचीत के जरिए टकराव का शांतिपूर्ण समाधान जरूरी है। आज का युग युद्ध का नहीं है।

रूस-यूक्रेन युद्ध का एक साल पूरा हो चुका है

रूस और यूक्रेन की लड़ाई का एक साल पूरा हो गया है। पिछले साल 22 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था। हालांकि, G20 सुरक्षा के मसलों की चर्चा का मंच नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में हिस्सा ले रहे 72 प्रतिनिधि इस बात पर व्यापक चर्चा करेंगे कि इस लड़ाई ने किस तरह ग्लोबल इकोनॉमी को नुकसान पहुंचाया है। इस लड़ाई की वजह से किस तरह इनफ्लेशन बढ़ा है, एनर्जी और फूड क्राइसिस की स्थिति पैदा हुई है। ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ रुक गई है।

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