Russia-Ukraine War: रूस भारत का दोस्त, फिर क्यों SBI ने रूसी संस्थाओं के साथ ट्रांजैक्शन पर लगाया बैन?

Ukraine War: रूस की संस्थाओं पर बैन लगाने वालों में अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का नाम भी जुड़ गया है

अपडेटेड Mar 03, 2022 पर 10:32 PM
SBI ने अमेरिकी बैन से बचने के लिए रूस की संस्थाओं के साथ ट्रांजैक्शन रोका

Russia-Ukraine War: रूस की संस्थाओं पर बैन लगाने वालों में अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का नाम भी जुड़ गया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने रूस की उन संस्थाओं से ट्रांजैक्शन को रोक दिया है, जिस पर अमेरिका सहित दूसरे पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाया है। पश्चिमी देशों ने हाल ही में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस की इन संस्थाओं पर बैन लगाया था।

SBI ने इसलिए लगाया बैन

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में SBI ने नोटिफिकेशन जारी की है। SBI को डर है कि रूस की प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ लेनदेन करने से कही उस पर भी पश्चिमी देश बैन न लगा दें।

उसने कहा कि अमेरिका, यूरोपीय यूनियन या यूनाइटेड नेशन (UN) की प्रतिबंधित सूची में शामिल संस्थाओं, बैंकों, बंदरगाहों या जहाजों के साथ किसी भी तरह का कोई लेनदेन नहीं किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बैन लगाए गए संस्थाओं को भुगतान की जाने वाली राशि बैंकिंग माध्यम के बजाय अन्य व्यवस्था के जरिए किया जाएगा।


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बता दें कि SBI रूस के मास्को में कमर्शियल इंडो बैंक नाम से ज्वाइंट वेंचर चलाता है। इसमें केनरा बैंक भी 40 फीसदी हिस्सेदारी के साथ भी पार्टनर है। भारतीय स्टेट बैंक ने इस मामले पर टिप्पणी को लेकर भेजे गए ई-मेल का फिलहाल जवाब नहीं दिया है।

भारत के लिए रूस रक्षा उत्पादों और उपकरणों का बड़े सप्लायर्स में से एक है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार चालू वित्त वर्ष में अबतक 9.4 अरब डॉलर रहा जबकि 2020-21 में यह 8.1 अरब डॉलर था।

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