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पाक पीएम शहबाज शरीफ देने जा रहे इस्तीफा, चुनाव होने में हो सकती है देरी

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जहां 11अगस्त को इस्तीफा देने जा रहे थे वहीं वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखते हुए दो दिन पहले ही इस्तीफा दे रहे हैं। राष्ट्रपति पद पर बैठे पूर्व PTI नेता आरिव अल्वी संसद भंग करने को अगर मंजूरी नहीं भी देते हैं तो भी संसद 48 घंटों के भीतर भंग हो जाएगी। ऐसे में बीच का रास्ता अपनाते हुए शहबाज शरीफ ने दो दिन पहले ही इस्तीफा देने का मन बनाया है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 09, 2023 पर 8:57 AM
पाक पीएम शहबाज शरीफ देने जा रहे इस्तीफा, चुनाव होने में हो सकती है देरी
पाकिस्तान की गठबंधन सरकार ने नेशनल असेंबली को भंग करने का फैसला लिया है।

पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 9 अगस्त को इस्तीफा देने जा रहे हैं। इस साल होने वाले जनरल इलेक्शन से पहले ही वो अपने पद को छोड़ रहे हैं ताकि चुनाव की अच्छे से तैयारी कर सकें। निचले सदन का कार्यकाल 12 अगस्त को खत्म हो रहा है। इस साल होने वाले आम चुनाव की तैयारियों को ज्यादा वक्त मिलने के लिहाज से ये फैसला लिया गया है।

राष्ट्रपति से है किस चीज का खतरा

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ रावलपिंडी में स्थित सेना के हेडक्वार्टर भी गए थे। उनकी इस विजिट को फेयरवेल विजिट बताया जा रहा है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल असीम मुनीर ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। पाकिस्तान में संसद भंग करने के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजा जाएगा। आरिव अल्वी फिलहाल इमरान खान की पार्टी PTI के पूर्व नेता हैं। अगर वो संसद भंग करने की मंजूरी नहीं भी देते हैं तब भी 48 घंटों के भीतर संसद भंग हो जाएगी।

संसद भंग करने के पीछे का मास्टरप्लान

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की गठबंधन सरकार पहले 11 अगस्त को भंग होने वाली थी। पार्टी को आशंका थी कि राष्ट्रपति ऐसा नहीं होने देंगे। ऐसे में PML-N ने बीच का रास्ता निकालते हुए तीन दिन पहले ही संसद को भंग कर दिया। ताकि राष्ट्रपति अगर बात भी ना माने तो भी संसद समय पर ही भंग हो जाए। ऐसा होने पर पाकिस्तान चुनाव आयोग को इलेक्शन कंडक्ट करवाने में 90 दिनों का भरपूर समय मिल जाएगा।

चुनाव में देरी की आशंका

पाकिस्तान में चुनाव होने को लेकर भी अभी डाउट है। संसद की अवधि पूरे होने के 60 दिनों के भीतर चुनाव करवाने होते हैं। वर्तमान स्थिति को देखें तो अभी 90 दिन बाकि हैं। दरअसल पाकिस्तान में आम लोगों के हितों की देखरेख के लिए बनी नई काउंसिल जनगणना करवाने पर विचार कर रही है। अब उसकी मंजूरी के बाद ही चुनाव आयोग पाकिस्तान में चुनाव करवा पाएगा। जनगणना होगी तो परिसीमन भी होगा, ऐसे में चुनाव आयोग को चुनाव आयोजित करवाने के लिए 120 दिन मिलेंगे। सारी कार्यवाही खत्म होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में चुनाव में देरी की आशंका जताई जा रही है।

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