पड़ोसी देश श्रीलंका में स्थिति तेजी से पटरी पर लौट रही है। इसके संकेत वहां के केंद्रीय बैंक के फैसले से लगाया जा सकता है। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को अपनी प्रमुख दरों में 250 बेसिस पॉइंट्स यानी 2.50 फीसदी की कटौती किया है। केंद्रीय बैंक का यह फैसला मार्केट के लिए चौंकाने वाला रहा क्योंकि स्थिति इतनी तेज सुधरने की उम्मीद नहीं थी। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने महंगाई दर के उम्मीद से तेज कम होने और प्राइस आउटलुक के अनुकूल होने के चलते दर में यह कटौती की है। प्रमुख दर के अलावा श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट को 15.5 फीसदी से घटाकर 13 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा स्टैंडिंग लैंडिंग फैसिलिटी भी 16.5 फीसदी से घटाकर 14 फीसदी कर दिया गया है।
1948 के बाद से सबसे बुरी स्थिति में पहुंच गया था श्रीलंका
श्रीलंका कुछ समय पहले तक 1948 के बाद से सबसे बुरी आर्थिक स्थिति से जूझ रहा था। स्थिति इतनी बुरी हो गई कि इसे सैन्य खर्चों को पूरा करने में भी दिक्कत होने लगी। इस साल जनवरी में श्रीलंका ने 2030 तक अपनी सेना को आधा करने का ऐलान किया।
श्रीलंका में महंगाई की स्थिति अब क्या है, इसका अंदाजा आंकड़ों से लगा सकते हैं। श्रीलंका के वित्त राज्यमंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कोलंबो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CCPI) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर मई में 25.2% पर आ गई। इसके पिछले महीने अप्रैल में यह 35.3 फीसदी पर थी।
भारत से मिली श्रीलंका को बड़ी राहत
मंगलवार को भारत ने श्रीलंका को अपनी 100 करोड़ डॉलर की क्रेडिट लाइन एक और साल के लिए बढ़ा दी है। यह फैसला इसलिए किया गया ताकि पड़ोसी देश भोजन, दवा और अन्य जरूरी चीजों को खरीद सके। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और श्रीलंका सरकार के बीच पिछले साल मार्च में 100 करोड़ डॉलर की क्रेडिट सुविधा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। श्रीलंका ने अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के हिसाब से इस क्रेडिट सुविधा का इस्तेमाल ईंधन, दवा, खाद्य सामग्री और औद्योगिक कच्चे माल की तत्काल खरीद के लिए किया।