सीरिया के अलेप्पो में फिर मचा कोहराम, रूस के हमले में 300 से ज्यादा विद्रोहियों की मौत का दावा

सेना ने जवाबी हमले की तैयारी कर ली है, जिसमें शहर में गश्त कर रहे विद्रोही जमावड़ों और काफिलों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए जा रहे हैं। हजारों सीरियाई विद्रोही शनिवार को अत्याधुनिक हथियारों के साथ और गाड़ियों में सवार होकर अलेप्पो के अंदर फैल गए थे। स्थानीय निवासियों और लड़ाकों ने यह जानकारी दी

अपडेटेड Dec 01, 2024 पर 6:19 PM
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सीरिया के अलेप्पो में फिर मचा कोहराम, रूस के हमले में 300 से ज्यादा विद्रोहियों की मौत का दावा

सीरिया के शहर अलेप्पो में इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में एक बड़ा हमला हुआ, जिसके बाद रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु सेना ने भी राष्ट्रपति बशर अल-असद और सीरियाई सेना के समर्थन में जवाबी हमले किए। सीरिया में गृहयुद्ध के बाद सालों में अब तक ये सबसे भीषण विद्रोही हमला था। 2020 से सीरिया गृहयुद्ध की मार झेल रहा है, जो सेना के साथ-साथ राष्ट्रपति असद के लिए भी सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

हालांकि, सेना ने जवाबी हमले की तैयारी कर ली है, जिसमें शहर में गश्त कर रहे विद्रोही जमावड़ों और काफिलों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए जा रहे हैं। हजारों सीरियाई विद्रोही शनिवार को अत्याधुनिक हथियारों के साथ और गाड़ियों में सवार होकर अलेप्पो के अंदर फैल गए थे। स्थानीय निवासियों और लड़ाकों ने यह जानकारी दी।

एक दिन पहले ही विद्रोही सीरिया के सबसे बड़े शहर में घुसे थे, जहां उन्हें सरकारी सैनिकों की ओर से बहुत कम प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था।


TASS न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सीरिया में विरोधी दलों के सुलह के लिए रूसी केंद्र ने कहा कि रूसी वायु सेना की सपोर्ट से सेना ने विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों, कमांड और ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें 300 से ज्यादा विद्रोही सैनिक मारे गए।

ऑपरेशन रूम और एक सुरक्षा सूत्र के एक बयान के अनुसार, विद्रोहियों ने अलेप्पो एयरपोर्ट पर भी कंट्रोल कर लिया। दो विद्रोही सूत्रों ने Reuters को यह भी बताया कि विद्रोहियों ने इदलिब प्रांत के मराट अल नुमान शहर पर कब्जा कर लिया है, जिससे वह पूरा इलाके उनके कंट्रोल में आ गया है।

असद रूस के करीबी सहयोगी हैं, जबकि विद्रोही हयात तहरीर अल-शाम, जिसे कभी नुसरा फ्रंट के नाम से जाना जाता था, उसे अमेरिका, रूस, तुर्की और दूसरे देशों ने एक आतंकवादी समूह घोषित किया है। इस हफ्ते की शुरुआत में इस्लामी समूह ने एक आश्चर्यजनक हमले में अलेप्पो शहर के मध्य में प्रवेश किया, जिससे वहां अराजकता फैल गई।

यह सब कब शुरू हुआ?

विद्रोही आक्रमण बुधवार को शुरू हुआ, जो सीरियाई विपक्ष और राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के बीच सालों से चल रही लड़ाई में ये पहला बड़ा हमला था, जिन्होंने 2000 से युद्धग्रस्त देश पर शासन किया है। असद इस समय रूस में हैं, जहां वह अपनी बीमार पत्नी से मुलाकात कर रहे हैं।

विद्रोहियों ने रास्ते में पड़ने वाले कई कस्बों और गांवों पर कब्जा कर लिया, वाहनों को उड़ा दिया और सरकारी बलों के साथ संघर्ष किया। अलेप्पो के यूनिवर्सिटी सहित कई सुविधाओं पर विद्रोहियों के बम गिरने से कुछ लोग मारे गए।

अलेप्पो सीरियाई गृहयुद्ध में एक अहम युद्धक्षेत्र रहा है और लगभग 350 km उत्तर में स्थित है। एक समय सीरिया का सबसे बड़ा शहर रहे अलेप्पो पर 2016 की जीत के बाद से सरकार ने मजबूती से कब्जा कर लिया था, जब रूस समर्थित सीरियाई फोर्स ने वहां विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी इलाकों में घुसकर तबाही मचाई थी।

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