सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर रूस भाग गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने असद और उनके परिवार को राजनीतिक शरण दे दी है। इससे पहले दिन में रूस ने घोषणा की थी कि असद ने सीरिया के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। वो देश छोड़कर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। इसके बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि असद के विमान का रडार से संपर्क टूट गया है। उनके विमान के क्रैश होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अब बशर अल-असद के रूस पहुंचने की पुष्टि हो गई है।
उधर सेना ने कहा कि सीरिया में राष्ट्रपति का शासन खत्म हो गया है। रूस की समाचार एजेंसियों 'तास' और 'आरआईए' ने राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि असद और उनके परिवार को मॉस्को में शरण दी गई है।
विद्रोही लड़ाकों ने राजधानी दमिश्क पर किया कब्जा
सीरिया में पिछले 11 दिनों से विद्रोही गुटों और सेना के बीच कब्जे के लिए लड़ाई चल रही थी। जहां विद्रोही लड़ाकों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया था। जिसके बाद सभी विद्रोही सड़कों पर गोलीबारी कर जीत का जश्न मनाते नजर आए थे। दमिश्क में चौराहों पर जश्न मनाती हुई भीड़ इकट्ठा हुई और सीरियाई क्रांतिकारी ध्वज लहराया जिससे ‘अरब स्प्रिंग’ विद्रोह के शुरुआती दिनों की याद ताजा हो गई। असद और अन्य शीर्ष अधिकारियों की कोई खबर न होने के बाद कई लोगों ने राष्ट्रपति भवन और असद परिवार के आवास में तोड़फोड़ की।
2000 में सत्ता में आए थे असद
असद साल 2000 में सत्ता हासिल की थी। उनके पिता बशर के सबसे बड़े भाई बासिल अल असद को अपना उत्तराधिकारी बनाने की कोशिश में थे, लेकिन 1994 में दमिश्क में एक कार दुर्घटना में बासिल की मौत हो गई। बशर-अल- असद पर गृहयुद्ध के दौरान युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध का आरोप लगाया गया है। जिसमें 2013 में राजधानी के बाहरी इलाके में रासायनिक हथियारों से हमला भी शामिल है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उन्हें ‘‘सीरियाई लोगों के लिए खेद है।’’ रूस असद का मुख्य समर्थक है।
विद्रोहियों की ऐतिहासिक जीत
सीरिया में 2011 में विद्रोह शुरू हुआ था, जब असद सरकार ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को क्रूरता से कुचल दिया। यह संघर्ष धीरे-धीरे गृहयुद्ध में बदल गया। जिसमें असद सरकार के खिलाफ कई विद्रोही गुट खड़े हुए। आखिरकार, 13 साल के इस संघर्ष ने असद शासन को झुका दिया। विद्रोही गुटों ने दमिश्क पर कब्जा कर न केवल असद सरकार को उखाड़ फेंका, बल्कि सीरियाई जनता को एक नई शुरुआत का मौका दिया है।