Turkey Terror Attack: तुर्किये ने एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज मुख्यालय पर आतंकवादी हमले में पांच लोगों की हत्या का बदला लेते हुए बुधवार (23 अक्टूबर) देर रात उत्तरी इराक और उत्तरी सीरिया में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह हमला बुधवार को राजधानी अंकारा में दो हमलावरों द्वारा भारी गोलीबारी और विस्फोट करने के बाद हुआ है। गृह मंत्री अली येरलिकाया ने कहा कि हमले के अपराधी संभवतः PKK के सदस्य थे।
तुर्किये वायु सेना ने हवाई हमले किए
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुधवार देर रात जवाबी कार्रवाई करते हुए तुर्किये वायु सेना ने इराक और सीरिया में हवाई हमले किए। इस बमबारी में कई पीकेके सदस्यों को मार गिराया, साथ ही पीकेके के 32 ठिकानों को भी नष्ट कर दिया। मंत्रालय ने हमलों का डिटेल्स नहीं दिया। हालांकि, आश्वासन दिया कि पीकेके के ठिकानों पर जवाबी हमले में किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी सावधानियां बरती गईं। हालांकि, पीकेके ने अभी तक इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।
बुधवार को अंकारा की सड़कें गोलियों और धमाकों की आवाजों से गुंज उठी, जब हथियारबंद हमलावरों ने असॉल्ट राइफलें थामकर TUSAS सुविधा के पास गोलीबारी शुरू कर दी। तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोआन ने आतंकी हमले की निंदा की। संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ भी हमले की निंदा करने के लिए आगे आए। नाटो महासचिव मार्क रूटे ने हमले की निंदा की और कहा कि सैन्य गठबंधन अपने सहयोगी तुर्की के साथ खड़ा रहेगा।
TUSAS तुर्की की सबसे बड़ी एयरोस्पेस निर्माता कंपनी है, जो वर्तमान में लड़ाकू और नागरिक हेलीकॉप्टरों का उत्पादन कर रही है। साथ ही देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू जेट, KAAN विकसित कर रही है। इसका स्वामित्व तुर्की सशस्त्र बल फाउंडेशन और सरकार के पास है।
CNN द्वारा सत्यापित और जियोलोकेटेड एक सोशल मीडिया वीडियो में वह क्षण दिखाया गया है जब TUSAS मुख्यालय में विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद एक व्यक्ति बंदूक थामे हुए पार्किंग स्थल में भागता हुआ दिखाई देता है।
CNN द्वारा सत्यापित एक अलग वीडियो में CCTV फुटेज में हमलावरों को बैकपैक पहने और बंदूकें लिए हुए एयरोस्पेस कंपनी के मुख्यालय के एंट्री गेट की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है। किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
लेकिन जब पत्रकारों ने इस बारे में पूछा तो कुर्किये के रक्षा मंत्री यासर गुलर ने संकेत दिया कि इसके पीछे उग्रवादी कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) हो सकती है। PKK को तुर्की, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।