PPF: क्या आप इस फाइनेंशियल ईयर में टैक्स-सेविंग्स (Tax-Savings) के लिए PPF में इनवेस्ट करने के बारे में सोच रहे हैं? अगर हां तो आपको 5 मार्च को या उससे पहले यह निवेश कर देना ठीक रहेगा। इसकी वजह यह है कि अगर आप महीने की 1 से 5 तारीख के बीच अमाउंट डिपॉजिट कर देते हैं तो उस महीने उस पर आपको इंटरेस्ट मिल जाता है। इसके अलावा अगर आप किसी फाइनेंशियल ईयर में एकमुश्त अमाउंट (Lumpsum Amount) डिपॉजिट करना चाहते हैं तो आपको 5 अप्रैल या इससे पहले कर देना चाहिए। इससे आपको पैसे पर पूरे साल का इंटरेस्ट मिलेगा।
PPF में इंटरेस्ट कैलकुलेशन का क्या है नियम?
अभी PPF का इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। हर महीने इंटरेस्ट कैलकुलेशन के लिए पांच तारीख से लेकर महीना की अंतिम तारीख तक पीपीएफ अकाउंट में जमा पैसे को ध्यान में रखा जाता है। यह भी जान लेना जरूरी है कि पीपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर इंटरेस्ट का कैलकुलेशन हर महीने होता है, लेकिन इंटरेस्ट का पैसा फाइनेंशियल ईयर के आखिर में अकाउंट में डाला जाता है।
चूंकि हर महीने इंटरेस्ट के कैलकुलेशन के लिए 5 से अंतिम तारीख तक अकाउंट में जमा पैसे को ध्यान में रखा जाता है इसलिए अगर आप हर महीने 5 तारीख तक पैसे जमा कर देते हैं तो आप ज्यादा इंटरेस्ट अमाउंट का फायदा उठा सकते हैं। अगर आप 5 तारीख के बाद पैसे जमा करते हैं तो आपको इंटरेस्ट के मामले में नुकसान हो सकता है।
आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए 5 अप्रैल, 2022 आपके पीपीएफ अकाउंट में 1 लाख रुपये बैलेंस था। आपने 6 अप्रैल, 2022 को अपने अकाउंट में 1.5 लाख रुपये डिपॉजिट किया है तो नियम के मुताबिक 5 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अकाउंट में जमा पैसे पर ही आपको उस महीने का इंटरेस्ट मिलेगा। इस मामले में यह बैलेंस 1 लाख रुपये है। इसलिए आपने 6 अप्रैल को जो पैसा डिपॉजिट किया है, उस पर उस महीने इंटरेस्ट नहीं मिलेगा। इस तरह आपको सिर्फ 1 लाख रुपये पर इंटरेस्ट मिलेगा। अगर आपने 1.5 लाख रुपये का डिपॉजिट 1 से 5 अप्रैल के बीच कर दिया होता तो आपको कुल 2.5 लाख रुपये पर इंटरेस्ट मिलता।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चूंकि पीपीएफ 15 साल यानी लंबी अवधि का निवेश का ऑप्शन है तो इसमें इंटरेस्ट के रूप में छोटी रकम भी बहुत मायने रखती है। पीपीएफ में निवेश करने पर टैक्स बेनेफिट मिलता है। सबसे खास बात यह है कि पीपीएफ टैक्स के लिहाज से एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेमप्ट कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि इसमें डिपॉजिट होने वाले अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है। अमाउंट पर मिलने वाले इंटरेस्ट पर टैक्स नहीं लगता है। अकाउंट मैच्योर करने पर मिलने वाला टोटल अमाउंट भी टैक्स-फ्री होता है। इसलिए यह टैक्स के मामले में बहुत फायदेमंद है।
क्यों आपको PPF में इनवेस्ट करना चाहिए?
अगर आपने अब तक पीपीएफ अकाउंट ओपन नहीं किया है तो आप इसे बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोल सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत आप एक फाइनेंशियल ईयर में पीपीएफ में 1.5 लाख रुपये तक जमा कर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इससे आपको इनकम टैक्स बचाने में मदद मिलेगी। अच्छा होगा अगर आप अप्रैल से पीपीएफ में निवेश करना शुरू करते हैं। फिर हर महीने आपको 1 से 5 तारीख तक इसमें अपना कंट्रिब्यूशन जरूर कर देना होगा। इससे 15 साल की अवधि में आपके लिए बड़ा फंड तैयार हो जाएगा।