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7वां वेतन आयोग खत्म होने की कगार पर, 10 साल में कुल 55% बढ़ी सैलरी; समझिए कैसे

7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर को 10 साल पूरे कर रहा है। इस दौरान सैलरी करीब 55 फीसदी बढ़ी, लेकिन न्यूनतम बेसिक पे नहीं बदली। बढ़ती महंगाई और DA पर निर्भरता ने 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें खड़ी कर दी हैं। समझिए पूरा हिसाब।

Curated By: Suneel Kumarअपडेटेड Dec 28, 2025 पर 4:43 PM
7वां वेतन आयोग खत्म होने की कगार पर, 10 साल में कुल 55% बढ़ी सैलरी; समझिए कैसे
जब 6वां केंद्रीय वेतन आयोग 31 दिसंबर 2015 को खत्म हुआ, तब तक महंगाई काफी बढ़ चुकी थी।

31 दिसंबर को 7वां केंद्रीय वेतन आयोग अपना 10 साल का कार्यकाल पूरा कर रहा है। इसके साथ ही केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी व्यवस्था में बदलाव का एक लंबा दौर औपचारिक रूप से खत्म हो जाएगा।

1 जनवरी 2016 से लागू हुए 7वें वेतन आयोग ने सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों और सैलरी की गणना के तरीके में बड़े बदलाव किए थे। यही बदलाव आज भी कर्मचारियों की सोच और उम्मीदों को प्रभावित कर रहे हैं, खासकर जब 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं।

फिटमेंट फैक्टर और पे मैट्रिक्स का बड़ा फैसला

7वें वेतन आयोग का सबसे अहम फैसला फिटमेंट फैक्टर को 2.57 पर तय करना था। इसी फैक्टर के आधार पर यह तय हुआ कि पुराने वेतन आयोग से नए सिस्टम में सैलरी कितनी बढ़ेगी।

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