8th Pay Commission: कर्मचारी एसोसिएशन की मांग, 18000 से बढ़ाकर 72000 रुपये की जाए बेसिक सैलरी

8th Pay Commission: भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने आयोग को एक मेमोरेंडम सौंपा है, जिसमें सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, सालाना बढ़ोतरी और वेतन तय करने के तरीके में बड़े बदलाव की मांग की गई है। सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 72,000 रुपये मंथली करने की है

अपडेटेड Apr 23, 2026 पर 6:16 PM
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8th Pay Commission: कर्मचारी यूनियन ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 4 करने का प्रस्ताव दिया है।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने आयोग को एक मेमोरेंडम सौंपा है। एसोसिएशन ने आयोग को सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, सालाना बढ़ोतरी और वेतन तय करने के तरीके में बड़े बदलाव की मांग की गई है। कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 72,000 रुपये मंथली करने की डिमांड की है।

72,000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग क्यों?

BPMS का कहना है कि मौजूदा समय में महंगाई और लाइफ स्टैंडर्ड बनाए रखने की कॉस्ट काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में कर्मचारियों को बेहतर लाइफ देने के लिए सैलरी बढ़ाना जरूरी है। यूनियन ने आंकड़ों के साथ बताया कि देश की प्रति व्यक्ति आय 2016-17 में 1.03 लाख रुपये से बढ़कर 2024-25 में करीब 1.92 लाख रुपये हो गई है। यानी करीब 87% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके आधार पर वेतन बढ़ाने की मांग को सही ठहराया गया है।


फिटमेंट फैक्टर 4 करने की मांग

कर्मचारी यूनियन ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 4 करने का प्रस्ताव दिया है। फिटमेंट फैक्टर वही मल्टीप्लायर होता है, जिससे नई सैलरी तय होती है। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है। यूनियन का कहना है कि इससे महंगाई और इनकम में बढ़ोतरी दोनों का सही बैलेंस बनेगा।

सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने का सुझाव

BPMS ने यह भी कहा है कि सालाना वेतन बढ़ोतरी को 3% से बढ़ाकर 6% किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि सिर्फ महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की असली इनकम बढ़ाने के लिए इंक्रीमेंट भी ज्यादा होना चाहिए।

परिवार का साइज भी बदले

एक और अहम सुझाव यह है कि वेतन तय करते समय परिवार का साइज 3 से बढ़ाकर 5 सदस्यों का माना जाए। यूनियन का कहना है कि आज के समय में कर्मचारी अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी उठाते हैं, इसलिए यह बदलाव जरूरी है।

क्या है 8वां वेतन आयोग?

सरकार ने 17 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। यह आयोग हर 10 साल में बनाया जाता है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्ते और पेंशन की समीक्षा करता है। आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने में देनी है।

30 अप्रैल तक सुझाव देने का मौका

आयोग ने 30 अप्रैल 2026 तक सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके बाद इन सुझावों के आधार पर सिफारिशें तैयार की जाएंगी और अंतिम फैसला सरकार लेगी।

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