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8th Pay Commission: हैदराबाद में 18-19 मई को होगी अगली बैठक, सैलरी-पेंशन में बदलाव का शुरू हुआ प्रोसेस

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के आठवां वेतन आयोग ने अपने काम की अगली कड़ी में हैदराबाद, तेलंगाना में 18 और 19 मई 2026 को अहम बैठक करने का फैसला किया है। इस दौरान आयोग अलग-अगल विभागों, संस्थानों, यूनियनों और कर्मचारी संगठनों से बातचीत करेगा और उनकी राय सुनेगा

Edited By: Sheetalअपडेटेड May 01, 2026 पर 6:27 PM
8th Pay Commission: हैदराबाद में 18-19 मई को होगी अगली बैठक, सैलरी-पेंशन में बदलाव का शुरू हुआ प्रोसेस
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के आठवां वेतन आयोग ने अपने काम की अगली कड़ी में हैदराबाद, तेलंगाना में 18 और 19 मई 2026 को अहम बैठक करने का फैसला किया है।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के आठवां वेतन आयोग ने अपने काम की अगली कड़ी में हैदराबाद, तेलंगाना में 18 और 19 मई 2026 को अहम बैठक करने का फैसला किया है। इस दौरान आयोग अलग-अगल विभागों, संस्थानों, यूनियनों और कर्मचारी संगठनों से बातचीत करेगा और उनकी राय सुनेगा। यह पूरी प्रक्रिया भविष्य में सैलरी, पेंशन और कामकाजी शर्तों में बदलाव तय करने के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आयोग ने इच्छुक संगठनों और प्रतिनिधियों से कहा है कि वे पहले अपनी मांगों और सुझावों का ज्ञापन उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जमा करें। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत बैठक के लिए समय लेने का आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया 8 मई 2026 तक पूरी करनी जरूरी है। ज्ञापन जमा करने के बाद मिलने वाला यूनिक आईडी नंबर भी आवेदन के साथ देना अनिवार्य होगा। बैठक की जगह और समय की जानकारी बाद में दी जाएगी।

इससे पहले आयोग ने दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल 2026 के बीच शुरुआती दौर की बैठकें पूरी की हैं। इन बैठकों में अलग-अलग विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगें रखीं। खास तौर पर वेतन ढांचे, पेंशन व्यवस्था और काम की स्थितियों में सुधार को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांगों को दोहराया गया। कर्मचारियों का कहना है कि नई सिफारिशें मौजूदा आर्थिक हालात और जरूरतों के हिसाब से होनी चाहिए।

हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन इन बैठकों में मिले सुझाव आयोग के लिए आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण सिर्फ सुझाव जुटाने का है, जिसके आधार पर आगे सिफारिशों का मसौदा तैयार किया जाएगा। यानी अभी प्रक्रिया शुरुआती दौर में है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा हो सकता है।

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