8th pay commission: अगर सरकार ने दी हरी झंडी, तो पोस्टमैन की सैलरी होगी 1,12,000 रुपये मंथली
क्या पोस्टमैन की सैलरी 1 लाख के पार जा सकती है? अगर सरकार हरी झंडी देती है तो देश के पोस्टमैन की सैलरी 1.12 लाख रुपये मंथली से ज्यादा होगी। 8वें वेतन आयोग से पहले डाक विभाग कर्मचारियों ने ऐसा ही बड़ा प्रस्ताव रखा है
अगर सरकार हरी झंडी देती है तो देश के पोस्टमैन की सैलरी 1.12 लाख रुपये मंथली से ज्यादा होगी।
क्या पोस्टमैन की सैलरी 1 लाख के पार जा सकती है? अगर सरकार हरी झंडी देती है तो देश के पोस्टमैन की सैलरी 1.12 लाख रुपये मंथली से ज्यादा होगी। 8वें वेतन आयोग से पहले डाक विभाग कर्मचारियों ने ऐसा ही बड़ा प्रस्ताव रखा है, जिसमें पोस्टमैन की बेसिक सैलरी सीधे 1.12 लाख रुपये करने की मांग की गई है। यह मौजूदा सैलरी के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। अभी पोस्टमैन का बेसिक पे 25,500 रुपये के आसपास है। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो सरकारी नौकरी की तस्वीर ही बदल सकती है।
डाक विभाग कर्मचारियों की डिमांड
8वें वेतन आयोग से पहले अब डाक विभाग (Postal Department) के कर्मचारियों ने भी अपनी मांगें तेज कर दी हैं। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) ने आयोग को एक मेमोरेंडम दिया है, जिसमें सैलरी, भत्ते, प्रमोशन और पेंशन से जुड़े कई बड़े बदलाव सुझाए गए हैं। इन मांगों में सबसे बड़ा प्रस्ताव पोस्टमैन की बेसिक सैलरी को 25,500 रुपये से बढ़ाकर करीब 1.12 लाख रुपये करने का है।
यह मेमोरेंडम 20 अप्रैल 2026 को दिया गया, जब आयोग देशभर के कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहा है। FNPO ने सिर्फ पोस्टमैन ही नहीं, बल्कि पोस्टल असिस्टेंट, सॉर्टिंग असिस्टेंट, ड्राइवर, सुपरवाइजर और अन्य कैडर के लिए भी सैलरी बढ़ाने की मांग की है।
एंट्री लेवल सैलरी में बड़ा उछाल
FNPO ने लेवल-1 (एंट्री लेवल) कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। यह मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) जैसे कर्मचारियों पर लागू होगा।
फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग
डाक कर्मचारियों ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है। यह वही फैक्टर होता है जिससे सैलरी और पेंशन तय होती है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है।
सालाना इंक्रीमेंट दोगुना करने की मांग
FNPO ने सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले मौजूदा इंक्रीमेंट काफी नहीं है।
सैलरी इतनी करने की है मांग
मल्टी-टास्किंग स्टाफ - MTS (Level 1)
मौजूदा: 18,000 रुपये से 69000 रुपये बेसिक सैलरी करने की है मांग।
ड्राइवर
मौजूदा: 19,900–21,700 रुपये से ₹83,200 रुपये बेसिक सैलरी करने की है डिमांड।
पोस्टमैन या मेल गार्ड (Level 5)
मौजूदा: 25,500 रुपये से 1,12,000 रुपये मंथली बेसिक पे करने की डिमांड है।
पोस्टल या सॉर्टिंग असिस्टेंट (Level 6)
मौजूदा: 35,400 रुपये 1,35,700 रुपये करने की मांग है।
LSG यानी सुपरवाइजर
मौजूदा: 44,900 रुपये से 1,82,500 रुपये मंथली बेसिक पे करने की है डिमांड।
HSG-II / HSG-I
मौजूदा: 47,600–53,100 रुपये से 2,15,100 रुपये मंथली बेसिक पे करने की मांग।
HRA और अन्य अलाउंस में बढ़ोतरी
FNPO ने HRA को शहर के हिसाब से 30%, 35% और 40% तक करने का सुझाव दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि HRA को DA के साथ जोड़ा जाए, ताकि महंगाई के साथ भत्ता भी बढ़े।
प्रमोशन और करियर ग्रोथ
कर्मचारी संगठन ने MACP स्कीम के तहत कम से कम 5 प्रमोशन देने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे सैलरी ठहराव (stagnation) की समस्या खत्म होगी।
महिलाओं के लिए मांगें
महिला कर्मचारियों के लिए हर साल 12 दिन की मेंस्ट्रुअल लीव, बेहतर चाइल्ड केयर लीव (CCL) और ऑफिस में क्रेच की सुविधा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मेडिकल और पेंशन से जुड़ी मांगें
FNPO ने सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए CGHS के तहत 100% कैशलेस इलाज की मांग की है। साथ ही पेंशन का बोझ विभाग से हटाकर सीधे केंद्र सरकार पर डालने का सुझाव दिया गया है।
अन्य अहम सुझाव
एक्स-सर्विसमैन के लिए समान वेतन तय किया जाए।
सभी भत्तों की समीक्षा और बढ़ोतरी की जाए।
डिजिटल और फाइनेंशियल काम के हिसाब से नए अलाउंस दिये जाए।