Budget 2026: किफायती घर से ग्रीन डेवलपमेंट तक, बजट से क्या हैं रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें

Budget 2026: यूनियन बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़े फैसलों की उम्मीद है। किफायती घर, मिड-इनकम हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डेवलपमेंट और टैक्स राहत- ये वो मुद्दे हैं जो बाजार की दिशा और खरीदारों का भरोसा तय कर सकते हैं। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 3:03 PM
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रियल एस्टेट इंडस्ट्री के मुताबिक, अब मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर टियर-II और टियर-III शहरों तक जाना चाहिए।

Budget 2026:  यूनियन बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। खासकर ऐसे सुधार, जो इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, खरीदार-केंद्रित नीतियों और लॉन्ग टर्म ग्रोथ को मजबूती दें। सेक्टर का मानना है कि पॉलिसी में निरंतरता और अफोर्डेबिलिटी पर फोकस हाउसिंग डिमांड को बनाए रखने में अहम होगा। आइए जानते हैं कि रियल एस्टेट सेक्टर की बजट को लेकर क्या उम्मीदें हैं।

रियल एस्टेट को नई रफ्तार की उम्मीद

M3M नोएडा के डायरेक्टर यश गर्ग का कहना है कि आगामी केंद्रीय बजट से पहले नोएडा जैसे क्षेत्रों पर मजबूत नीतिगत फोकस की जरूरत है। जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के चलते बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी ने नोएडा के रियल एस्टेट को नया आकार दिया है। अब अगला ग्रोथ फेज योजनाबद्ध शहरीकरण, एकीकृत टाउनशिप और सुव्यवस्थित मिक्स्ड-यूज़ डेवलपमेंट्स से आना चाहिए।


उनके मुताबिक, उभरते कॉरिडोर्स में होमबायर्स के लिए बेहतर टैक्स लाभ और रियल एस्टेट को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और फंडिंग आसान होगी। साथ ही, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और तेज मंजूरी प्रक्रियाएं माइक्रो-मार्केट्स में समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी के लिए बेहद अहम हैं।

आर्थिक स्थिरता और भरोसा बढ़ाने पर जोर

Vestian के CEO श्रीनिवास राव का कहना है कि यूनियन बजट 2026 को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक नींव को मजबूत करने पर फोकस करना चाहिए। उनके मुताबिक टियर-2 शहरों का तेज विकास जरूरी है, जिसके लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़े शहरों से मजबूत कनेक्टिविटी और निजी क्षेत्र की ज्यादा भागीदारी अहम होगी।

India Sotheby’s International Realty के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित गोयल के मुताबिक यह बजट ऐसे समय आ रहा है जब दुनिया में नया ग्लोबल ऑर्डर आकार ले रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास, वायु प्रदूषण, पानी की गुणवत्ता, कचरा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी जैसे मुद्दों पर ठोस बजटीय फोकस की जरूरत है।

मिड-इनकम हाउसिंग को ग्रोथ का नया आधार

Square Yards के फाउंडर और सीईओ Tanuj Shori का मानना है कि भारतीय हाउसिंग मार्केट अब लग्जरी-ड्रिवन अपसाइकिल से निकलकर वैल्यू-ड्रिवन फेज में प्रवेश कर रहा है। जैसे-जैसे प्रीमियम डिमांड स्थिर हो रही है, मिड-इनकम सेगमेंट ग्रोथ का मुख्य आधार बनने जा रहा है।

उन्होंने बजट 2026 से मिड-इनकम होमबायर्स के लिए बेहतर टैक्स राहत, होम लोन पर ब्याज कटौती की ऊंची सीमा और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश की उम्मीद जताई।

पहली बार घर खरीदने वालों पर फोकस

गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ का कहना है कि आने वाला बजट पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट सेक्टर में आई तेजी को आगे भी बनाए रखे। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अधिक बजटीय प्रावधान, रेपो रेट पर नरम रुख और महंगाई नियंत्रण को प्राथमिकता देने की उम्मीद जताई।

उन्होंने EWS और PMAY के दायरे के विस्तार, सेक्शन 80ईईए के तहत टैक्स छूट की वापसी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देने की मांग की।

मंजूरियों और सप्लाई साइड सुधारों की जरूरत

मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी का कहना है कि हाउसिंग सेक्टर ने अपनी मजबूती साबित की है, लेकिन आगे की रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि नीतियां बाजार की वास्तविकताओं के साथ कितनी तेजी से कदम मिलाती हैं।

उन्होंने टैक्स डिडक्शन लिमिट बढ़ाने, ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक संकेत और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस को प्रोजेक्ट डिलीवरी के लिए बेहद जरूरी बताया।

मजबूत नीतियों से रोजगार और खपत को सहारा

एसपीजे ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन पंकज जैन का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के साथ-साथ ऐसी नीतियों की जरूरत बताई जो लंबे समय तक फायदेमंद हों और संगठित रिटेल व हाउसिंग सेक्टर को मजबूती दें।

निवेश, ग्रीन डेवलपमेंट और कनेक्टिविटी पर जोर

भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर ऐसी नीतिगत पहल की उम्मीद कर रहा है जो निवेश को आसान बनाए, इंफ्रास्ट्रक्चर को गति दे और ग्रीन व वेलनेस-आधारित डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करे।

उनके मुताबिक टैक्सेशन का तर्कसंगतकरण और मेट्रो-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी का विस्तार निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है।

टियर-II और टियर-III शहरों पर फोकस

अमरावती ग्रुप इंफ्रा के फाउंडर एवं चेयरमैन रजनीकांत मिश्रा का कहना है कि विकास का फोकस अब मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर टियर-II और टियर-III शहरों तक जाना चाहिए।

उन्होंने सड़कों, सार्वजनिक परिवहन, ड्रेनेज, निर्माण लागत स्थिरता, स्किल डेवलपमेंट और प्रशिक्षित वर्कफोर्स पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।

एंड-यूजर डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का मेल

त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सरांश त्रेहान के मुताबिक किफायती और मिड-इनकम हाउसिंग के लिए प्रोत्साहन, आसान कंप्लायंस और संस्थागत फाइनेंसिंग तक बेहतर पहुंच से प्रोजेक्ट डिलीवरी और कीमतों में संतुलन बनेगा।

गंगा रियल्टी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गर्ग ने कहा कि आगामी बजट हाउसिंग सेक्टर में एंड-यूजर डिमांड को और मजबूत करने का मौका है। उन्होंने होम लोन पर ब्याज और प्रिंसिपल पर टैक्स छूट बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स को रियल एस्टेट ग्रोथ का बड़ा आधार बताया।

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