AI Use in Personal Finance: क्या आपको AI टूल्स की सलाह पर निवेश के फैसले लेना चाहिए?

AI Use in Personal Finance: AI कुछ ही सेकेंड्स में लाखों-करोड़ों डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जो किसी इनसान के लिए मुमकिन नहीं है। एआई मार्केट ट्रेंड्स, अर्निंग अनाउंसमेंट, इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और खबरों के आधार पर किसी कंपनी की अर्निंग्स के बारे में अनुमान लगाता है

अपडेटेड Feb 24, 2026 पर 11:53 AM
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इनवेस्टर्स के लिए रोबो-एडवायजर फाइनेंशिल एडवाइजर्स के मुकाबले काफी सस्ता है।

AI Use in Personal Finance: इनवेस्टमेंट में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल शुरू हो गया है। रोबो-एडवाइजर्स कुछ ही मिनट्स में आपका इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो तैयार कर देते हैं। एल्गोरिद्म-आधारित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स दूसरों से पहले मार्केट के सिग्नल को समझ लेते हैं। एआई की सबसे बड़ी खासियत स्पीड, एफिशियंसी और डेटा आधारित निवेश के फैसले हैं। कई इनवेस्टर्स के लिए एआई पर्सनल फाइनेंशिल असिस्टेंट की तरह काम कर रहे हैं। सवाल है कि क्या आप इनवेस्टमेंट से जुड़े फैसलों के लिए एआई पर निर्भर रहना चाहेंगे?

इनवेस्टमेंट में एआई की इस्तेमाल अभी शुरुआती अवस्था में

इनवेस्टमेंट के लिए आप मेहनत से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल करते हैं। अगर किसी गलत फैसले की वजह से यह पैसा डूब जाता है तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की सलाह पर आप तभी भरोसा करते हैं, जब आपको उन पर पूरा भरोसा होता है। एआई का इस्तेमाल अभी शुरुआती अवस्था में है। यह कहना अभी मुश्किल है कि इनवेस्टमेंट में एआई का इस्तेमाल कितना भरोसेमंद है। ज्यादातर इनवेस्टर्स को अभी इस बारे में पता नहीं है।


एआई लाखों-करोड़ों डेटा को कुछ सेकेंड्स में प्रोसेस करता है

AI कुछ ही सेकेंड्स में लाखों-करोड़ों डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जो किसी इनसान के लिए मुमकिन नहीं है। एआई मार्केट ट्रेंड्स, अर्निंग अनाउंसमेंट, इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और खबरों के आधार पर किसी कंपनी की अर्निंग्स के बारे में अनुमान लगाता है। रोबो-एडवायजरी टूल्स यह बताते हैं कि इनवेस्टर को रिस्क लेने की अपनी क्षमता के हिसाब से अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो का ऐलोकेशन किस तरह से कर सकता है। इसका मतलब है कि इनवेस्टमेंट के फैसलों में भावना का असर नहीं पड़ता है।

रोबा-एडवायजर्स फाइनेंशियल एडवाइडर्स के मुकाबले सस्ता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स के लिए रोबो-एडवायजर फाइनेंशिल एडवाइजर्स के मुकाबले काफी सस्ता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव का भी रोबो-एडवायजर के फैसलों पर असर नहीं पड़ता है। लेकिन, इसकी अपनी कुछ सीमाएं हैं। जैसे यह परिवार से जुड़े मसलों को किसी इनसान की तरह नहीं समझ सकता। एक्सपर्ट्स का कहना है इनवेस्टमेंट के फैसलों में सिर्फ बाहरी कारकों का असर नहीं पड़ता है। इसमें बाहरी से ज्यादा व्यक्ति को अपने परिवार की जरूरतों के हिसाब से फैसले लेना पड़ता है। एआई इन मसलों को उस तरह से नहीं समझ सकता, जिस तरह से कोई इनसान समझ सकता है।

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इनवेस्टमेंट में एआई टूल्स का सोचसमझकर करें इस्तेमाल

युवा इनवेस्टर्स इनवेस्टमेंट के लिए एआई टूल्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लेकिन, बाकी इनवेस्टर्स अभी निवेश में एआई का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी यह कहना मुश्किल है कि इनवेस्टमेंट में एआई का इस्तेमाल कितना फायदेमंद है। आने वाले समय में इनवेस्टमेंट से जुड़े कई एआई टूल्स बाजार में आने की संभावना है। उसके बाद ही पता चलेगा कि इनका इस्तेमाल कितना फायदेमंद है। फिलहाल अभी आंख मूंदकर एआई इनवेस्टमेंट टूल्स के इस्तेमाल में समझदारी बरतना जरूरी है।

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