सोना नवंबर 2022 से 23 फीसदी चढ़ चुका है। ग्लोबल इकोनॉमी में रिसेशन और अमेरिकी बैंकिंग का असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। जब कभी दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने में निवेश में लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। एक्सपर्ट्स भी पोर्टफोलियो में 5-10 फीसदी गोल्ड रखने की सलाह देते हैं। आप लंबे समय में धीरे-धीरे गोल्ड खरीदकर अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी इस लेवल तक पहुंचा सकते हैं। गोल्ड में इनवेस्ट करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGBs) अच्छा जरिया हो सकता है।
क्या आपको एसजीबी में निवेश करना चाहिए?
एसजीबी में निवेश टैक्स के लिहाज से भी अच्छा है। हालांकि, इसके लिए आपको इसमें मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखना जरूरी है। इसे सरकार की गारंटी हासिल है। एसजीबी में निवेश पर आपको सालाना 2.5 फीसदी इंटरेस्ट भी मिलता है। 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। इस मौके पर गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है। सवाल है कि क्या आपको अक्षय तृतीया पर गोल्ड में निवेश करना चाहिए?
गोल्ड की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर
गोल्ड की कीमतों में हालिया तेजी को देखते हुए यह उसे खरीदने का अच्छा समय नहीं है। अब हम एसजीबी की मार्च 2023 किस्त में सोने की कीमत पर विचार करते हैं। इसमें सोने की प्रति ग्राम कीमत 5,611 रुपये थी। यह 2015 में एसजीबी की पहली किस्त आने के बाद से सबसे ज्यादा कीमत है। जनवरी 2016 की एसबीजी की किस्त में सोने की कीमत प्रति ग्राम 2,600 रुपये थी। यह एसजीबी में सोने की सबसे कम कीमत थी।
थोड़ा-थोड़ा निवेश करने में समझदारी
एसजीबी एक ग्राम गोल्ड की वैल्यू में जारी किया जाता है। यह प्राइस पिछले तीन कारोबारी दिन में 999 फीसदी प्योरिटी वाले गोल्ड की कीमत का औसत होता है। Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेटवानी ने कहा कि गोल्ड की कीमत में हालिया तेजी को देखते हुए गोल्ड में एक साल के दौरान थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना ठीक रहेगा।
प्रॉफिट बुक करने का अच्छा समय
अगर आपके पास पहले से गोल्ड है तो यह अक्षय तृतीया पर प्राफिट बुक करने का अच्छा समय है। आप इस पैसै का निवेश कहीं और कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा करने में आपको टैक्स के पहलू का भी ध्यान रखना होगा। प्लान अहेड वेल्थ एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ विशाल धवन ने कहा, "हम इनवेस्टर्स को आम तौर पर पोर्टफोलियो में 5-10 फीसदी गोल्ड शामिल करने की सलाह देते हैं। अगर उनके पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी इससे ज्यादा है तो हम उन्हें रिबैलेंसिंग की सलाह देते हैं।"
RBI भारत सरकार की तरफ से एसजीबी जारी करता है। इसमें निवेश की अवधि (तारीख) का ऐलान पहले ही हो जाता है। अब तक एसजीबी की 63 किस्त जारी की जा चुकी हैं। आप चुनिंदा बैंक और पोस्ट ऑफिस के जरिए एसजीबी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ब्रोकर के जरिए ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से भी इसके लिए अप्लाई किया जा सकता है। एसजीबी की लिस्टिंग के बाद इसे एक्सचेंज में खरीदा और बेचा जा सकता है। आप एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम मूल्य के एसजीबी खरीद सकते हैं।
एसजीबी 8 साल में मैच्योर हो जाता है। आरबीआई पांचवें साल से रिडेमप्शन का ऑप्शन देता है। इसके लिए आपको अपने बैंक में समय से पहले रिडेम्प्शन का आवेदन करना होगा। यह इंटरेस्ट पेमेंट के अगले डेट से कम से कम 10 दिन पहले होना चाहिए। Credecne Wealth Advisors के फाउंडर एवं सीईओ किर्तन शाह ने कहा कि रिटेल इनवेस्टर्स के लिए एक्सचेंज में वॉल्यूम पर्याप्त होता है। लेकिन आम तौर पर इसमें फेयर वैल्यू के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेडिंग होती है।
अगर टैक्स की बात करें तो एसजीबी इस मामले में गोल्ड ईटीएफ, फिजिकल गोल्ड और गोल्ड एफओएफ से बेहतर है। लेकिन, शर्त यह है कि आपका होल्डिंग पीरियड लंबा होना चाहिए। 1 अप्रैल से गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड एफओएफ से होने वाले कैपिटल गेंस पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। होल्डिंग पीरियड का कोई मतलब नहीं होगा। फिजिकल गोल्ड को 36 महीने से कम समय तक रखने पर उससे होने वाले कैपिटस गेंस पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। 36 महीने से ज्यादा समय तक रखने पर कैपिटल गेंस पर इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी के रेट से टैक्स लगता है। अगर आप एसजीबी को मैच्योरिटी तक रखते हैं तो उस पर टैक्स नहीं देना पड़ता है।