अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का है प्लान? ज्वेलरी, डिजिटल गोल्ड से लेकर ETF तक, जानिए किस पर कितना देना होगा टैक्स

Gold Taxation Rules 2026: अगर आप आज अक्षय तृतीया पर दुकान से जाकर गहने या सिक्के खरीदते हैं, तो इसे 'कैपिटल एसेट' माना जाएगा। इसकी खरीदारी पर 3% GST लगता है। साथ ही मेकिंग चार्जेस पर 5% GST अलग से देना होगा। 2 साल से ज्यादा रखने के बाद इसे बेचने पर होने वाले मुनाफे पर 12.5% LTCG टैक्स देना होगा

अपडेटेड Apr 19, 2026 पर 12:21 PM
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SGB निवेश का सबसे टैक्स-फ्रेंडली तरीका माना जाता था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से नियमों में कुछ बदलाव हुए हैं

Akshaya Tritiya Gold Buying: आज 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो केवल शुभ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि टैक्स के नियमों को समझना भी जरूरी है। फिजिकल गोल्ड, डिजिटल गोल्ड और ETF, हर विकल्प पर टैक्स अलग तरह से लगता है, जो आपके मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। आइए आपको बताते हैं गोल्ड पर लगने वाले टैक्स का पूरा गणित।

फिजिकल गोल्ड (ज्वेलरी, सिक्के और बार)

अगर आप दुकान से जाकर गहने या सिक्के खरीदते हैं, तो इसे 'कैपिटल एसेट' माना जाता है। खरीदारी पर 3% GST लगता है। साथ ही मेकिंग चार्जेस पर अलग से 5% GST देना होता है। 2 साल से ज्यादा रखने के बाद इसे बेचने पर होने वाले मुनाफे पर 12.5% LTCG टैक्स लगेगा। वहीं 2 साल से कम रखने पर मुनाफा आपकी कुल आय में जुड़ेगा और आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।


डिजिटल गोल्ड

डिजिटल गोल्ड पर भी फिजिकल गोल्ड जैसे ही टैक्स नियम लागू होते हैं। इसमें 'मेकिंग चार्जेस' नहीं होते, इसलिए वहां लगने वाला 5% GST बच जाता है। 2 साल से ज्यादा रख कर बेचने पर 12.5% LTCG और इससे कम समय के लिए आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स।

गोल्ड ETF और म्यूचुअल फंड

गोल्ड ETF को 'लिस्टेड सिक्योरिटीज' की तरह माना जाता है। केवल 12 महीने के बाद ही यह लॉन्ग टर्म माना जाता है और इस पर 12.5% LTCG टैक्स लगता है। वहीं 1 साल से कम पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। गोल्ड म्यूचुअल फंड उन लोगों के लिए बेहतर हैं जिनके पास डीमैट अकाउंट नहीं है, लेकिन ये 2 साल बाद लॉन्ग टर्म माने जाते हैं।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में क्या बदला है?

SGB निवेश का सबसे टैक्स-फ्रेंडली तरीका माना जाता था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से नियमों में कुछ बदलाव हुए हैं:

ब्याज पर टैक्स: सालाना मिलने वाला 2.5% ब्याज आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल है।

मैच्योरिटी: अगर आप इसे 8 साल तक रखते हैं, तो मिलने वाला मुनाफा पूरी तरह टैक्स-फ्री है।

बदलाव: अब केवल ओरिजिनल खरीदार को ही मैच्योरिटी पर टैक्स छूट मिलेगी। अगर आपने बाजार से SGB खरीदा है, तो आपको टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा।

एक्सपर्ट की राय

CA ईशा जयसवाल के अनुसार, गोल्ड में निवेश करने का सबसे बड़ा फैक्टर टाइमिंग है। फिजिकल और डिजिटल गोल्ड के पक्के बिल संभालकर रखें, क्योंकि कैलकुलेशन के समय इनकी जरूरत पड़ती है। साथ ही डिजिटल गोल्ड अभी भी पूरी तरह रेगुलेटेड नहीं है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

अक्षय तृतीया का मुहूर्त

पूजा का शुभ समय: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक।

सोना खरीदने का समय: सुबह 10:49 से कल सुबह (20 अप्रैल) 05:51 तक।

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