RBI ने 6 अप्रैल की अपनी मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) में रेपो रेट नहीं बढ़ाने का फैसला किया था। केंद्रीय बैंक पिछले साल मई से इंटरेस्ट रेट (Repo Rate) लगातार बढ़ा रहा था। सवाल यह है कि क्या इंटेरस्ट रेट वृद्धि पर आरबीआई का यह ब्रेक आने वाली मॉनेटरी पॉलिसी में भी लगा रहेगा? इस पर बहस जारी है। एक्सपर्ट्स की इस बारे में अलग-अलग राय है। लेकिन, ज्यादातर एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी का आरबीआई का फैसला कई चीजों पर निर्भर करेगा। इनमें इनफ्लेशन (Inflation) सबसे अहम होगा। आइए हम ड्यूरेशन फंड्स और ड्यूरेशन कॉल के कॉन्सेप्ट को समझने की कोशिश करते हैं। हम यह भी देखेंगे कि इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव का इन पर किस तरह असर पड़ता है।
