Atal Pension Yojana: अटल पेंशन योजना यानी APY की शुरुआत मई 2015 में की गई थी। इसका मकसद देश में एक मजबूत और यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी स्ट्रक्चर तैयार करना है। इस योजना के तहत सब्सक्राइबर्स को 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की न्यूनतम गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है। चुनी गई पेंशन राशि और सब्सक्राइबर की उम्र के आधार पर मासिक योगदान 42 रुपये से लेकर 1,454 रुपये तक तय होता है।
अटल पेंशन योजना के कई सब्सक्राइबर्स के मन में यह सवाल था कि सरकार इसके तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाएगी या नहीं। अब सरकार ने इस पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
संसद में पूछा गया पेंशन का सवाल
लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि क्या असंगठित क्षेत्र के कामगारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पेंशन राशि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी सवाल किया गया था कि क्या योगदान संरचना में बदलाव या महंगाई से जुड़ी पेंशन व्यवस्था लाने की कोई योजना है।
पेंशन बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं
सरकार ने साफ कर दिया है कि अटल पेंशन योजना में पेंशन राशि बढ़ाने की अभी कोई तैयारी नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार, 15 दिसंबर को संसद में लिखित जवाब देते हुए कहा कि पेंशन बढ़ाने से सब्सक्रिप्शन अमाउंट भी बढ़ जाएगा। इससे सब्सक्राइबर्स पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी वजह से योजना को मौजूदा नियमों और शर्तों के साथ ही जारी रखने का फैसला किया गया है।
APY से कितने लोग जुड़े हैं
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 नवंबर 2025 तक अटल पेंशन योजना से कुल 8,45,17,419 लोग जुड़ चुके हैं। यह संख्या करीब 8.4 करोड़ बैठती है। यह योजना की व्यापक पहुंच और लोगों के भरोसे को दिखाती है।
किस पेंशन स्लैब में कितने सब्सक्राइबर
डेटा के मुताबिक, 1,000 रुपये की पेंशन स्लैब में सबसे ज्यादा 86.91 प्रतिशत सब्सक्राइबर हैं, जिनकी संख्या 7.34 करोड़ से अधिक है। 2,000 रुपये की पेंशन के लिए 3 प्रतिशत, 3,000 रुपये के लिए 1.41 प्रतिशत और 4,000 रुपये के लिए 0.53 प्रतिशत लोग जुड़े हैं। वहीं, 5,000 रुपये की अधिकतम पेंशन स्लैब में 8.15 प्रतिशत यानी करीब 68.7 लाख सब्सक्राइबर शामिल हैं।
अटल पेंशन योजना में नामांकन हर साल लगातार बढ़ता गया है। वित्त वर्ष 2015–16 में जहां करीब 24.8 लाख लोग इससे जुड़े थे, वहीं 2024–25 के अंत तक यह संख्या 7.6 करोड़ से ज्यादा हो गई। चालू वित्त वर्ष 2025–26 में 30 नवंबर 2025 तक ही 84.26 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ चुके हैं। इससे कुल संख्या 8.45 करोड़ के पार पहुंच गई है।
सरकार के मुताबिक, अटल पेंशन योजना खास तौर पर गरीब, वंचित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देना है, ताकि रिटायरमेंट के बाद भी लोगों को एक तय और भरोसेमंद पेंशन मिलती रहे।