₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज, पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर; जानिए कैसे उठाएं इस सरकारी स्कीम का फायदा
Ayushman Card : आयुष्मान कार्ड से हर साल ₹5 लाख तक का मुफ्त, कैशलेस इलाज मिलता है। इसमें पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर हैं। जानिए किसे यह सुविधा मिलती है, कैसे बनवाएं कार्ड और इलाज कैसे कराएं।
आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से बन सकता है।
Ayushman Card : आयुष्मान कार्ड प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दिया जाने वाला हेल्थ कार्ड है, जिसका मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज से जुड़े भारी खर्च से बचाना है। इस कार्ड के जरिए एक परिवार को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है।
इलाज सरकारी ही नहीं, बल्कि योजना में शामिल निजी अस्पतालों में भी कराया जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि इसमें पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर होती हैं, यानी कार्ड बनने के बाद किसी बीमारी का इंतजार नहीं करना पड़ता।
आयुष्मान कार्ड किन लोगों को मिलता है?
आयुष्मान कार्ड सभी नागरिकों के लिए नहीं है। इसकी पात्रता सामाजिक और आर्थिक स्थिति के आधार पर तय की जाती है। ग्रामीण इलाकों में वे परिवार शामिल किए गए हैं, जिनके पास पक्का घर नहीं है, जो भूमिहीन हैं, मजदूरी पर निर्भर हैं या जिनके परिवार में कोई स्थायी कमाने वाला नहीं है। अनुसूचित जाति और जनजाति के कई परिवार भी इस दायरे में आते हैं।
शहरी इलाकों में योजना का फोकस असंगठित क्षेत्र पर है। रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, ड्राइवर, कंडक्टर, निर्माण मजदूर, सफाई कर्मी और दिहाड़ी मजदूर जैसे लोग इसमें शामिल हैं। अगर किसी परिवार का नाम SECC डेटा में दर्ज है, तो उसके आयुष्मान कार्ड बनने की संभावना रहती है।
किन लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिलता
जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम माने जाते हैं, उन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है। नियमित आय वाले लोग, इनकम टैक्स भरने वाले, ज्यादातर सरकारी कर्मचारी और वे परिवार जिनके पास पहले से किसी अन्य सरकारी या कॉर्पोरेट हेल्थ स्कीम का पूरा कवरेज है, आमतौर पर इस योजना के पात्र नहीं होते।
किन लोगों को आयुष्मान कार्ड मिलता है
किन लोगों को आयुष्मान कार्ड नहीं मिलता
SECC लिस्ट में शामिल गरीब परिवार
इनकम टैक्स भरने वाले
दिहाड़ी मजदूर, खेत मजदूर
सरकारी नौकरी वाले कर्मचारी
कच्चे मकान में रहने वाले
बड़े कारोबारी / आर्थिक रूप से सक्षम लोग
SC / ST वर्ग के पात्र परिवार
जिनका नाम पात्रता सूची में नहीं
शहरी रेहड़ी-पटरी वाले, ड्राइवर, घरेलू कामगार
पहले से महंगी हेल्थ इंश्योरेंस वाले
राशन कार्ड धारक (पात्रता के साथ)
अन्य सरकारी मेडिकल स्कीम कवर वाले
आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाया जाता है
आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से बन सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया में आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉग-इन करना होता है। वहां पात्रता की जांच होती है और नाम लिस्ट में होने पर आधार या अन्य पहचान पत्र से KYC पूरा करके कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
ऑफलाइन तरीके में नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या सरकारी अस्पताल में बने आयुष्मान मित्र डेस्क पर जाना होता है। आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाता है और वहीं कार्ड बना दिया जाता है।
आयुष्मान कार्ड से इलाज कैसे कराया जाता है
इलाज की प्रक्रिया काफी आसान रखी गई है। कार्डधारक को योजना में सूचीबद्ध किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में जाना होता है।
वहां आयुष्मान कार्ड दिखाने के बाद अस्पताल का आयुष्मान मित्र पात्रता की पुष्टि करता है। मंजूरी मिलते ही इलाज कैशलेस शुरू हो जाता है। इसमें भर्ती से लेकर दवाइयों, जांच, सर्जरी और इलाज के बाद फॉलो-अप तक का खर्च शामिल रहता है।
आयुष्मान कार्ड में कौन-कौन सी बीमारियां कवर होती हैं
इस योजना में 1,500 से ज्यादा मेडिकल और सर्जिकल पैकेज शामिल हैं। हार्ट सर्जरी, किडनी डायलिसिस, कैंसर का इलाज, ब्रेन और न्यूरो सर्जरी, हड्डियों का ऑपरेशन, जॉइंट रिप्लेसमेंट और गंभीर एक्सीडेंट के केस इसमें कवर किए जाते हैं।
इलाज की कोई उम्र सीमा नहीं है और पहले से मौजूद बीमारी भी इस योजना में शामिल रहती है।
आयुष्मान कार्ड का असली फायदा क्या है
आयुष्मान कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि गंभीर बीमारी के वक्त परिवार को इलाज के लिए जमीन-जायदाद बेचने या कर्ज लेने की मजबूरी नहीं रहती।
₹5 लाख का सालाना कवरेज पूरे परिवार के लिए होता है, न कि किसी एक सदस्य के लिए। यही वजह है कि यह योजना सिर्फ हेल्थ स्कीम नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का जरिया भी बन जाती है।
आखिर क्यों जरूरी है आयुष्मान कार्ड
भारत में इलाज का खर्च आज भी लाखों परिवारों को गरीबी की तरफ धकेल देता है। आयुष्मान कार्ड ऐसे लोगों के लिए सुरक्षा कवच है, जो समय पर इलाज तो चाहते हैं, लेकिन खर्च उठाने की हालत में नहीं होते।
अगर आप पात्र हैं और अब तक कार्ड नहीं बनवाया है, तो इसे नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है। यह कार्ड जरूरत के वक्त वही काम करता है, जो सबसे मजबूत बीमा करता है- बिना पैसे की चिंता के इलाज।