Bank Privatisation: पिछले कुछ समय से पब्लिक सेक्टर के बैंकों के निजीकरण के मसले पर काफी चर्चा सुनने में आ रही है। केंद्र सरकार बैंकिंग सेक्टर में सुधार लाने के लिए बीते 3 सालों में बैकों का मर्जर करते हुए पब्लिक सेक्टर के 27 बैंकों को 12 कर चुकी है। केंद्रीय बजट 2023 आने में एक महीने से भी कम समय बचा है। सरकारी अधिकारी बैकों के प्राइवेटाइजेशन के लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। नीति आयोग ने हाल ही में निजीकरण करने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों के नामों की घोषणा की है। सरकार अब दो बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्राइवेटाइजेशन पर विचार कर रही है।
प्राइवेट किये जानें वालें बैंकों की लिस्ट हुई तैयार
अब बजट आने से पहले बैंकों के निजीकरण को लेकर एक बार फिर खबरें आने लगी है। बैकों के निजीकरण को लेकर भारत सरकार भी प्लानिंग कर रही है। इसी सिलसिले में नीति आयोग ने भी बैंकों की लिस्ट जारी की है, कि कौनसे बैंकों का निजीकरण होना चाहिए और कुछ बैंक को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।
इन बैंकों का होगा निजिकरण
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय की दी गई सिफारिश के मुताबिक इन सभी को बैंकों को प्राइवेटाइजेशन की लिस्ट में नहीं रखा गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank), यूनियन बैंक (Union Bank), केनरा बैंक (Canara Bank), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India), इंडियन बैंक (Indian Bank) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) का प्राइवेटाइजेशन नहीं करेगी।
सरकार ने बीते साल बजट में की थी घोषणा
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि पब्लिक सेक्टर के दो बैंक और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण किया जाएगा। 2019 में केंद्र सरकार ने लोक सेवा बैंकों (PSB) के लिए एक मेगा-मर्जर योजना शुरू की और ये विलय अप्रैल 2021 से प्रभावी हुआ।
ये बैंक पहले हो चुके हैं मर्ज
सरकार की योजना के मुताबिक PNB में ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक को मर्ज कर दिया गया। सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक में जोड़ दिया गया। यूनियन बैंक में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक दोनों का मर्जर कर दिया गया। इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक का मर्जर भी 1 अप्रैल से लागू हो गया।
बजट में फिर हो सकती है घोषणा
नीति आयोग ने दो बैंकों के नाम सुझाए हैं और सरकार को अभी प्राइवेटाइज किए जाने वाले बैंकों के नामों को फाइनल करना है। वित्त मंत्री बजट सत्र में इन नामों को लेकर घोषणा कर सकती है।