एक फॉरेन ब्रोकरेज ने 4 जून को जारी अपने रिपोर्ट में कहा है कि आरबीआई अपने अगली पॉलिसी मीट में रेपो रेट में 0.40 फीसदी की और बढ़ोतरी करता नजर आ सकता है। Bofa Securities ने अपनी इस रिपोर्ट में कहा है कि आरबीआई का रेट सेटिंग पैनल अगस्त में होने वाली अपनी मीटिंग में अपनी अहम ब्याज दर में फिर से 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। जिससे अगस्त तक कुल बढ़ोतरी 0.75 फीसदी तक पहुंच सकती है।
बता दें कि 4 मई को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दर में 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। गर्वनर शक्तिकांता दास ने पहले ही आगामी रिव्यू मीटिंग में बढ़ती महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत दे दिए हैं। आरबीआई की प्राथमिकता महंगाई को 6 फीसदी के अपने टारगेट के अंदर रखने का है।
Bofa Securities ने अपने इस रिपोर्ट में आगे कहा कि टमाटर की कीमत में भारी बढ़ोतरी के चलते मई में खुदरा महंगाई दर 7.1 फीसदी रह सकती है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार के ईंधन उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती, क्रूड, सोयाबीन और सन फ्लावर ऑयल के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट और एटीएफ की कीमतों में की गई कटौती जैसे उपायों के चलते महंगाई पर नियत्रंण पाने में सहायता मिली है। हालांकि कि वित्त वर्ष 2023 में कंज्यूमर प्राइस आधारित इन्फ्लेशन औसतन 6.8 फीसदी पर रह सकता है जो आरबीआई द्वारा निर्धारित की गई 6 फीसदी की टॉलरेंस लिमिट से काफी ज्यादा है।
Bofa Securities के रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरबीआई खुद वित्त वर्ष 2023 के अपने महंगाई अनुमान को 5.7 फीसदी से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर सकता है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरबीआई रेपो रेट के अलावा जून की बैठक में CRR में भी 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। क्योंकि केद्रीय बैंक का फोकस बाजार में उपलब्ध अतिरिक्त लिक्विडिटी को खींचकर इसको सामान्य स्तर पर लाने पर है।
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