देश के सबसे बड़े लेंडर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट आधारित लोन की दरों (MCLR) में 0.1 फीसदी का इजाफा किया है। बैंक के इस कदम लोन लेने वालों के लिए EMI की राशि बढ़ेगी। स्टेट बैंक ने एक महीने में दूसरी बार मार्जिनल कॉस्ट आधारित लोन की दरों (MCLR) में इजाफा किया है और दोनों बार मिलाकर अब तक 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
SBI ने यह कदम इस महीने की शुरुआत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से रेपो रेट में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद किया गया है। RBI ने रेपो रेट 0.40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया था। रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI बैंकों को पैसे उधार देता है। रेपो रेट में बढ़ोतरी से बैंकों की पैसे जुटाने की लागत बढ़ जाती है, जिसके चलते लोन महंगे हो जाते हैं।
SBI की तरफ से लोन के रेट में बढ़ोतरी के बाद अनुमान है कि आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी ऐसा ही कदम उठा सकते हैं। इस बढोतरी से उन ग्राहकों की EMI बढ़ जाएगी, जिन्होंने MCLR पर कर्ज लिया है। हालांकि इस कदम से अन्य मानकों से जुड़े कर्ज की EMI नहीं बढ़ेगी।
SBI की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, MCLR की नई दर 15 मई से लागू हो गई है। इस संशोधन के बाद एक साल की MCLR 7.10 फीसदी से बढ़कर 7.20 फीसदी हो गई है। ज्यादातर कर्ज 1 साल की MCLR दर से जुड़े होते हैं। एक रात, एक महीने और तीन महीने की MCLR, 0.10 फीसदी बढ़कर 6.85 फीसदी हो गई, जबकि छह महीने की MCLR बढ़कर 7.15 फीसदी हो गई।
इस बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर सोमवार दोपहर 2 बजे के करीब एनएसई पर 2.96 फीसदी की बढ़त के साथ 457.80 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। पिछले एक महीने में बैंक के शेयरों में करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को करीब 19.46 फीसदी का रिटर्न दिया है।