बेंगलुरु में हो रही है कैश की शॉर्टेज? क्या इलेक्शन-कंस्ट्रक्शन है इसका कारण

बेंगलुरु के बैंकों में इन दिनों कैश की कमी देखने को मिल रही है। कई बैंक शाखाओं को जरूरत के मुताबिक पूरा कैश नहीं मिल पा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार करेंसी चेस्ट मैनेजर अन्य बैंकों से अतिरिक्त नोट मांग रहे हैं, क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही

अपडेटेड Feb 25, 2026 पर 4:53 PM
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बेंगलुरु के बैंकों में इन दिनों कैश की कमी देखने को मिल रही है।

बेंगलुरु के बैंकों में इन दिनों कैश की कमी देखने को मिल रही है। कई बैंक शाखाओं को जरूरत के मुताबिक पूरा कैश नहीं मिल पा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार करेंसी चेस्ट मैनेजर अन्य बैंकों से अतिरिक्त नोट मांग रहे हैं, क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले कुछ हफ्तों में शाखाओं ने जितनी कैश की मांग की, उसका केवल एक हिस्सा ही उपलब्ध हो पाया। एक बड़े सरकारी बैंक ने इंटरनल जानकारी में भी कैश की तंगी को लेकर चिंता जताई गई है।

बैंक अधिकारियों का कहना है कि करेंट अकाउंट और ओवरड्राफ्ट खातों से निकासी बढ़ गई है। खासकर निर्माण, रियल एस्टेट और सिविक प्रोजेक्ट से जुड़े कारोबारी मजदूरी और अन्य पेमेंट के लिए बड़ी मात्रा में कैश निकाल रहे हैं। नियमों के अनुसार तय सीमा से अधिक पैसा निकालने पर टीडीएस लागू होता है, लेकिन इसके बावजूद निकासी में तेजी बनी हुई है।

आम तौर पर बड़ी कैश निकासी कुछ दिनों में दोबारा बैंकिंग सिस्टम में लौट आती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा। कुछ अधिकारियों का मानना है कि आने वाले चुनाव भी इसकी एक वजह हो सकते हैं। राजनीतिक दल और उम्मीदवार चुनाव खर्च के लिए पहले से फंड जुटा रहे हैं।


बताया गया है कि 500 रुपये के नोटों की सबसे ज्यादा कमी है, क्योंकि यही रोजमर्रा के ट्रांजेक्शन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। बैंक एटीएम में कैश भरने को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि आम ग्राहकों को परेशानी न हो। कई बैंकों ने इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से भी मदद मांगी है।

लगातार बढ़ती कैश निकासी एक चेतावनी संकेत हो सकती है। आरबीआई हालात पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर कदम उठा सकता है। हालांकि कुछ बैंक अधिकारियों का मानना है कि सिर्फ नया कैश जारी करने से समस्या हल नहीं होगी, अगर पैसा बैंकिंग सिस्टम से बाहर ही जमा हो रहा है।

इस बीच बैंकों ने शाखाओं को डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि यह कैश की कमी अस्थायी हो सकती है। जून तक बेंगलुरु में नगर निगम चुनाव होने की संभावना है, जिससे कैश की मांग और बढ़ सकती है।

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