Budget 2026-2027: क्या निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रीजीम को खत्म करने का ऐलान करेंगी?

इनकम टैक्स की नई रीजीम आसान है, इसमें टैक्स के रेट्स कम हैं। लेकिन, इसमें ज्यादातर डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस नहीं मिलते हैं। सरकार को जोर इसका इस्तेमाल बढ़ाने पर रहा है। शुरुआत में इसमें टैक्सपेयर्स ने कम दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन, अब बड़ी संख्या में इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 4:57 PM
Story continues below Advertisement
निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2020 में नई रीजीम का ऐलान किया था।

सरकार का ज्यादा फोकस इनकम टैक्स की नई रीजीम पर रहा है। पिछले कुछ सालों में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई ऐलान किए हैं। लेकिन, उन्होंने पुरानी रीजीम के बारे में कोई बड़ा ऐलान नहीं किया है। क्या सरकार पुरानी रीजीम को खत्म करने जा रही है?

नई रीजीम में टैक्स के रेट्स कम हैं

इनकम टैक्स की नई रीजीम आसान है, इसमें टैक्स के रेट्स कम हैं। लेकिन, इसमें ज्यादातर डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस नहीं मिलते हैं। सरकार को जोर इसका इस्तेमाल बढ़ाने पर रहा है। शुरुआत में इसमें टैक्सपेयर्स ने कम दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन, अब बड़ी संख्या में इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, पुरानी रीजीम का इस्तेमाल बंद नहीं हुआ है। अभी भी कई टैक्सपेयर्स को इसका इस्तेमाल फायदेमंद लगता है।


पुरानी रीजीम का भी हो रहा इस्तेमाल

डेलॉयट इंडिया के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नितिन बाजल ने कहा, "अब भी करीब 28-29 फीसदी टैक्सपेयर्स ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं।" खासकर ऐसे टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एचआरए, सेक्शन 80सी, सेक्शन 80डी, एजुकेशन लोन और होम लोन पर डिडक्शन क्लेम करते हैं। स्ट्रक्चर्ड कंपनसेशन के साथ ज्यादा इनकम वाले सैलरीड टैक्सपेयर्स को इन सभी डिडक्शन से टैक्स-लायबिलिटी घट जाती है। नई रीजीम में उन्हें डिडक्शन का यह फायदा नहीं मिलता है।

अचानक बंद करने से टैक्सपेयर्स को होगी दिक्कत

एक्सपर्ट्स का हालांकि मानना है कि ओल्ड रीजीम को खत्म करना उतना आसान नहीं है, जितना यह लगता है। दशकों से भारत में टैक्स बेनेफिट के जरिए परिवारों की सेविंग्स बढ़ाने पर फोकस रहा है। पीपीएफ, इंश्योरेंस और हाउसिंग लोन पर डिडक्शन मिलता है। अचानक ओल्ड रीजीम खत्म करने से करोड़ों लोगों की लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग पर असर पड़ेगा। सरकार भी कई बार कह चुकी है कि नई रीजीम के साथ ओल्ड रीजीम का विकल्प भी मिलता रहेगा।

यह भी पढ़ें: Income Tax Budget 2026: यूनियन बजट में इन 5 बड़े ऐलानों से टैक्सपेयर्स की दूर हो जाएंगी शिकायतें

सरकार का फोकस नई रीजीम पर

पुरानी रीजीम जारी रखने के साथ सरकार टैक्स की आसान रीजीम को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही है। सरकार नहीं चाहती कि जो लोग पुरानी रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लॉन्ग टर्म कमिटमेंट पर बीच में कोई रुकावट आए। पॉलिटिकल और एडमिनिस्ट्रेटिव लिहाज से भी विकल्प उपलब्ध होने से लोगों का भरोसा बना रहता है। सरकार धीरे-धीरे टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी टैक्स की आसान रीजीम में बढ़ाना चाहती है।

यह भी पढ़ें: Budget 2026 Expectations: क्या टैक्स का 30% स्लैब बढ़ाने और इसे इनफ्लेशन से लिंक्ड करने का ऐलान होगा?

नई और पुरानी दोनों रीजीम बनी रहेंगी

ज्यादातर टैक्सपेयर्स का मानना है कि यूनियन बजट 2026 में सरकार ओल्ड रीजीम को खत्म करने का ऐलान नहीं करेगी। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर सुधाकर सेतुरमन ने कहा, "पुरानी रीजीम और नई रीजीम बनी रहेंगी। सरकार ओल्ड रीजीम को खत्म करना नहीं चाहेंगी। पॉलिसी में बदलाव और ओल्ड रीजीम के खत्म होने के संकेतों के लिए हमें इंतजार करना होगा।" एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार का फोकस टैक्स की आसान रीजीम पर बना रहेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।