यूनियन बजट पेश होने में दो हफ्ते से समय बचा है। टैक्सपेयर्स की करीबी नजरें यूनियन बजट 2026 पर लगी हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में बजट पेश करेंगी। पिछले साल यूनियन बजट में उन्होंने टैक्सेपयर्स को बड़ी राहत दी थीं। उन्होंने सालाना 12 लाख रुपये तक इनकम ट्रैक्स-फ्री कर दी थी। इससे टैक्सपेयर्स खासकर मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन, इनकम टैक्स के नियमों को लेकर अब भी उनकी कुछ शिकायतें हैं। एक्सपर्टस का कहना है कि अगर 1 फरवरी को वित्तमंत्री उनकी शिकायतें दूर करती हैं तो उन्हें काफी फायदा होगा।
नई रीजीम में भी एनपीसी पर अतिरिक्त डिडक्शन का लाभ
इनकम टैक्स की नई रीजीम में ज्यादातर डिडक्शंस नहीं मिलते हैं। हालांकि, सेक्शन 80CCD(2) के तहत एंप्लॉयी के एनपीएस अकाउंट में एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन पर डिडक्शन मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेक्शन 80CCD(1B) के तहत एनपीएस में कंट्रिब्यूशन पर अतिरिक्त 50,000 रुपये के डिडक्शन का फायदा नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को भी मिलना चाहिए। इस डिडक्शन को बढ़ाकर सरकार को 1 लाख रुपये भी करना चाहिए। इससे एनपीएस में टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी।
ओल्ड रीजीम डिक्लेयर करने का आसान विकल्प
सरकार ने Union Budget 2024 में नई रीजीम को इनकम टैक्स की डिफॉल्ट रीजीम बना दी थी। इसका मतलब है कि अगर इंडिविजुअल और एचयूएफ ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उन्हें इसे डिक्लेयर करना होगा। उन्हें सेक्शन 10-आईई के तहत इस बारे में बताना जरूरी है। कई इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स इस बारे में बताना भूल जाते हैं या बताने के तरीके में गलती हो जाती है। सरकार अगर सीधे आईटीआर में यह ऑप्शन उपलब्ध करा दे तो यह दिक्कत दूर हो सकती है।
एनपीएस में एकमुश्त विड्रॉल पर टैक्स के नियम
पीएफआरडीए ने एनपीएस में हाल में कई बड़े बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव विड्रॉल के नियमों को लेकर है। विड्रॉल के नियमों को आसान बनाया गया है। अगर सब्सक्राइबर के फंड में 8 लाख रुपये तक है तो मैच्योरिटी पर वह पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकता है। अगर 8 लाख रुपये से ज्यादा है तो 80 फीसदी विड्रॉल की इजाजत है। पहले इसकी लिमिट 60 फीसदी थी। लेकिन, अतिरिक्त 20 फीसदी विड्रॉल टैक्स-फ्री होगा या इस पर टैक्स लगेगा, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नई रीजीम में टर्म लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को भी टर्म लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन की सुविधा मिलनी चाहिए। इससे टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस आज हर परिवार के लिए जरूरी हो गए हैं। अभी सिर्फ इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन की इजाजत है।
पति-पत्नी के लिए ज्वाइंट इनकम टैक्स रिटर्न
आईसीएआई ने सरकार को पति और पत्नी के लिए ज्वाइंट इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सुविधा देने का सुझाव दिया है। इससे परिवारों पर टैक्स का बोझ घटेगा। अभी पति और पत्नी को अलग-अलग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना पड़ता है। ज्वाइंट रिटर्न फाइलर्स के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट टैक्स के स्लैब बढ़ाए जा सकते हैं। अमेरिका सहित कई देशों में पति और पत्नी को ज्वाइंट टैक्स रिटर्न फाइल करने की इजाजत है।