पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ अच्छी रही है। दिसंबर 2025 में इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 80 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। इंडस्ट्री का मानना है कि अगर सरकार इनकम टैक्स रिफॉर्म्स जारी रखती है और लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देती है तो इससे रिटेल इनवेस्टर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। साथ ही डेट फंड्स में इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन बढ़ाने के उपाय भी जरूरी हैं।
