Get App

Budget 2026 Expectations: बजट में ये एलान हुए तो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को लग जाएंगे पंख

सरकार ने यूनियन बजट 2023 में इंडेक्सेशन बेनेफिट्स हटा दिया था, जिसका असर डेट फंडों में लंबी अवधि के निवेश पर पड़ा है। अगर डेट म्यूचुअल फंड्स के टैक्स के पुराने नियमों को फिर से लागू किया जाता है तो परिवारों और एचएनआई कैपिटल की दिलचस्पी फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट्स में बढ़ेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 28, 2026 पर 5:51 PM
Budget 2026 Expectations: बजट में ये एलान हुए तो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को लग जाएंगे पंख
दिसंबर 2025 में म्यूचु्अल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 80 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया।

पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ अच्छी रही है। दिसंबर 2025 में इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 80 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। इंडस्ट्री का मानना है कि अगर सरकार इनकम टैक्स रिफॉर्म्स जारी रखती है और लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देती है तो इससे रिटेल इनवेस्टर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। साथ ही डेट फंड्स में इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन बढ़ाने के उपाय भी जरूरी हैं।

डेट फंड्स के लिए इंडेक्सेशन बेनेफिट्स शुरू होने चाहिए

वीएसआरके कैपिटल के डायरेक्टर स्वप्निल अग्रवाल का कहना है कि एंफी (AMFI) ने सरकार को बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। पिछले कुछ सालों में टैक्स के नियमों में बदलाव का असर खासकर डेट म्यूचु्अल फंड्स में निवेश पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि डेट फंड्स के लिए इंडेक्सेशन बेनेफिट्स दोबारा शुरू करने की जरूरत है। साथ ही कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों को भी आसान बनाया जाना चाहिए। इससे टैक्स के बाद रिटर्न बढ़ेगा, जिससे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए म्यूचुअल फंड्स का अट्रैक्शन बढ़ेगा।

फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट्स को अट्रैक्टिव बनाने की जरूरत

सब समाचार

+ और भी पढ़ें