वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से गोल्ड इनवेस्टर्स को काफी उम्मीदें हैं। वे फिजिकल गोल्ड का बेहतर विकल्प चाहते हैं। भारत में घरों में गोल्ड ज्वेलरी रखने की परंपरा रही है। इस गोल्ड का कोई इस्तेमाल नहीं होता। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस गोल्ड को डिजिटल और रेगुलेटेड प्रोडक्ट्स में बदला जाए तो इससे भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल सकती है।
