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Budget 2026: विदेशी पढ़ाई से क्रिएटर करियर तक, Gen Z की नई मनी इक्वेशन

Union Budget 2026 ने युवाओं, खासकर Gen Z की प्राथमिकताओं और उनके भविष्य के करियर विकल्पों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले छात्रों से लेकर डिजिटल क्रिएटर बनने का सपना देखने वाले युवाओं तक, यह बजट उनकी आर्थिक योजनाओं और जीवनशैली पर सीधा असर डालने वाला है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 01, 2026 पर 7:10 PM
Budget 2026: विदेशी पढ़ाई से क्रिएटर करियर तक, Gen Z की नई मनी इक्वेशन
Union Budget 2026: Gen Z की फाइनेंशियल प्लानिंग में नया जोश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के केंद्रीय बजट 2026 ने जेन जेड यानी 1997-2012 के बीच पैदा हुई युवा पीढ़ी के सपनों को झकझोर दिया। सैलरी स्लिप या फिक्स्ड डिपॉजिट से शुरू नहीं होती उनकी फाइनेंशियल जर्नी, बल्कि विदेशी पढ़ाई, ट्रैवल, कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग या स्पोर्ट्स जैसे अनोखे रास्तों से टिकी है। बजट ने टैक्स कटौती से लेकर स्किल हब्स तक ऐसे कदम उठाए, जो उनकी महत्वाकांक्षा को कैश फ्लो की आजादी देंगे।

सबसे बड़ी राहत TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) में कटौती से मिली है। बिना किसी न्यूनतम राशि की शर्त के विदेशी टूर पैकेज पर 5-20% से घटाकर फ्लैट 2% कर दिया गया है। LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) के तहत एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर भी TCS 5% से 2% हुआ है। विदेश में पढ़ाई के खर्चे उठाने वाले स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को अब ट्यूशन फीस, हॉस्टल या लिविंग कॉस्ट पर कम कैश अटकेगा। Gopal Bohra जैसे टैक्स एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जेन जेड पिछले जेनरेशन्स से ज्यादा ग्लोबल एजुकेशन और ट्रैवल की ओर रुझान रखता है यह कटौती उनकी लिक्विडिटी बढ़ाएगी।

छोटे टैक्सपेयर्स जैसे इंटर्न्स, फ्रीलांसर्स, स्टूडेंट्स के लिए TDS सरलीकरण भी वरदान है। ऑटोमेटेड सिस्टम से लो या निल TDS सर्टिफिकेट आसानी से मिलेंगे, फाइलिंग टाइमलाइन्स लचीले होंगे। इससे स्टाइपेंड, फ्रीलांस इनकम या स्कॉलरशिप पर कम कटौती होगी, जिससे रेंट, गैजेट्स या EMI जैसे शुरुआती खर्चे आसान होंगे।

क्रिएटिव करियर को बल मिलेगा। 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC (एनिमेशन, वीएक्स, गेमिंग, कंटेंट) लैब्स खुलेंगी, जिससे स्किल्स जल्दी मोनेटाइज होंगी। पूर्वी भारत में नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन खुलेगा, जो मेट्रो माइग्रेशन कम करेगा। खेलों में खेलो इंडिया मिशन से टैलेंट को साइंटिफिक ट्रेनिंग, कोचिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा। स्पोर्ट्स अब पैशन नहीं, स्टेबल इनकम का जरिया बनेगा।

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