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Custom Duty on Gold-Silver: बजट में सोना-चांदी महंगे हुए या सस्ते? कस्टम ड्यूटी पर क्या रहा रुख

Custom Duty on Gold-Silver: जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर की डिमांड थी कि सोने और चांदी पर ड्यूटी को कम किया जाए, प्रक्रियात्मक सुधार किए जाएं और GST में कमी की जाए। केंद्र सरकार ने 24 जुलाई, 2024 से सोने पर कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी थी

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 01, 2026 पर 5:19 PM
Custom Duty on Gold-Silver: बजट में सोना-चांदी महंगे हुए या सस्ते? कस्टम ड्यूटी पर क्या रहा रुख
MCX पर फरवरी में डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव दिन में 9 प्रतिशत तक गिर गया।

बजट 2026 में सोने और चांदी के इंपोर्ट पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। इंपोर्टर्स अगले वित्त वर्ष में भी उसी ड्यूटी का भुगतान करते रहेंगे, जो करते आ रहे हैं। फिलहाल, सभी तरह के सोने के भारत में इंपोर्ट पर 6 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती है। इसमें 5 प्रतिशत की बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) है और 1 प्रतिशत का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) है।

चांदी के इंपोर्ट की बात करें तो कुछ चुनिंदा पात्र भारतीय निवासियों के लिए टैक्स की दर 6 प्रतिशत है। वहीं अन्य 36 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी का भुगतान करते हैं। इसमें 35 प्रतिशत की बेसिक कस्टम ड्यूटी है और 1 प्रतिशत AIDC है। सोने और चांदी दोनों पर GST की रेट 3 प्रतिशत है। केंद्र सरकार ने 24 जुलाई, 2024 से सोने पर कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी थी।

जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर कर रहा था ड्यूटी और GST में कमी की मांग

भारत के रत्न और आभूषण (जेम्स एंड ज्वैलरी) सेक्टर की केंद्रीय बजट 2026-27 से डिमांड थी कि सोने और चांदी पर ड्यूटी को कम किया जाए, प्रक्रियात्मक सुधार किए जाएं और GST में कमी की जाए। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) का सुझाव था कि सोने और चांदी की ज्वेलरी पर GST को 3 प्रतिशत से घटाकर 1.25 प्रतिशत किया जाना चाहिए। साथ ही हॉलमार्क वाली ज्वेलरी के एक्सचेंज पर कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट मिलनी चाहिए।

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