Budget 2026: निर्मला सीतारमण ने बजट में टैक्सपेयर्स के लिए किए क्या-क्या ऐलान?

वित्तमंत्री ने टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइलिंग के लिए ज्यादा समय देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आईटीआर 1 और आईटीआर 2 फॉर्म का इस्तेमाल करने वाले इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बनी रहेगी। लेकिन, नॉन-ऑडिट बिजनेसेज या ट्रस्ट को अब रिटर्न फाइलिंग के लिए 31 अगस्त का समय मिलेगा

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 2:03 PM
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वित्तमंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 इस साल 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स का नया एक्ट 1 अप्रैल, 2025 से लागू होगा। उन्होंने टैक्सपेयर्स के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। खासकर किसी तरह के डिडक्शन, रिबेट के बारे में कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। इससे टैक्सपेयर्स को निराशा हुई। टैक्स स्लैब में भी किसी तरह का बदलाव का ऐलान नहीं हुआ। लेकिन, उन्होंने छोटे-छोटे कुछ ऐलान किए।

वित्तमंत्री ने टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइलिंग के लिए ज्यादा समय देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आईटीआर 1 और आईटीआर 2 फॉर्म का इस्तेमाल करने वाले इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बनी रहेगी। लेकिन, नॉन-ऑडिट बिजनेसेज या ट्रस्ट को अब रिटर्न फाइलिंग के लिए 31 अगस्त का समय मिलेगा।

एक दूसरा बड़ा ऐलान रिवाइज्ड रिटर्न को लेकर वित्तमंत्री ने किया। उन्होंने रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का एलान किया। लेकिन, इसके लिए टैक्सपेयर्स को मामूली फीस चुकानी होगी। पहले 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल करने के लिए किसी तरह की फीस नहीं लगती थी। हालांकि, डेडलाइन बढ़ाने से टैक्सपेयर्स को फायदा होगा।


वित्तमंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 इस साल 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा। इसके लिए इनकम टैक्स के नए और आसान नियम जल्द नोटिफाय कर दिए जाएंगे। इससे टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइलिंग के लिए खुद को तैयार करने के लिए काफी समय मिल जाएगा। माना जा रहा है कि नए आईटीआर फॉर्म पहले के मुकाबले ज्यादा आसान होंगे। नए रिटर्न फॉर्म्स से टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइलिंग में काफी आसानी होगी। इससे आम लोगों के लिए कंप्लायंस आसान होगा।

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विदेशी टूर प्रोग्राम पर टीसीएस का रेट कम किया गया है। एलआरएस रेमिटेंस के तहत एजुकेशन और इलाज के लिए बाहर पैसे भेजने पर भी टीसीएस कम किया गया है। इसे घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। मैनपावर सप्लाई सर्विसेज को टीडीएस के लिए कॉन्ट्रैक्टर पेमेंट के तहत लाया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि कुछ खास लोगों के लिए फॉरेन एसेट डिसक्लोजर की एक स्कीम आएगी। यह वन टाइम स्कीम होगी। इसके दायरे में कुछ खास टैक्सपेयर्स आएंगे, जिन्होंने तय लिमिट के तहत विदेश में एसेट्स डिसक्लोज नहीं किए हैं।

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