Get App

Budget 2026: एनआरआई को मिल सकती है राहत, प्रॉपर्टी पर टीडीएस के नियमों में बदलाव कर सकती है सरकार

अभी रेजिडेंट्स और एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के अलग-अलग नियम लागू होते हैं। एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के रूप में उसका काफी पैसा फंसा रह जाता है। इससे उसे काफी नुकसान उठाना पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 3:01 PM
Budget 2026: एनआरआई को मिल सकती है राहत, प्रॉपर्टी पर टीडीएस के नियमों में बदलाव कर सकती है सरकार
अगर सरकार एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने से जुड़े टैक्स के नियमों को आसान बनाती है तो उन्हें काफी राहत मिलेगी।

नॉन-रेजिडेंट्स इंडियंस (एनआरआई) लंबे समय से प्रॉपर्टी बेचने से जुड़े टैक्स के नियमों में राहत की मांग कर रहे हैं। अभी रेजिडेंट्स और एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के अलग-अलग नियम लागू होते हैं। एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के रूप में उसका काफी पैसा फंसा रह जाता है। इससे उसे काफी नुकसान उठाना पड़ता है।

प्रॉपर्टी बेचने पर रेजिडेंट्स और एनआरआई के टैक्स के अलग-अलग नियम

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने से जुड़े टैक्स के नियमों को आसान बनाती है तो उन्हें काफी राहत मिलेगी। अभी अगर रेजिडेंट प्रॉपर्टी बेचता है तो टीडीएस डिपॉजिट के नियम आसान हैं। प्रॉपर्टी की वैल्यू 50 लाख या इससे ज्यादा होने पर प्रॉपर्टी खरीदने वाले को पर्चेज वैल्यू का 1 फीसदी बतौर टीडीएस डिडक्ट करना जरूरी है। अगर कोई एनआरआई प्रॉपर्टी बेचता है तो खरीदारा को ज्यादा रेट से टीडीएस डिडक्ट करना पड़ता है। उसे टैन (TAN) भी लेना पड़ता है। काटा गया टैक्स डिपॉजिट करना पड़ता है और ई-टीडीएस रिटर्न फाइल करना पड़ता है।

एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के रेट्स काफी ज्यादा

सब समाचार

+ और भी पढ़ें