नॉन-रेजिडेंट्स इंडियंस (एनआरआई) लंबे समय से प्रॉपर्टी बेचने से जुड़े टैक्स के नियमों में राहत की मांग कर रहे हैं। अभी रेजिडेंट्स और एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के अलग-अलग नियम लागू होते हैं। एनआरआई के प्रॉपर्टी बेचने पर टीडीएस के रूप में उसका काफी पैसा फंसा रह जाता है। इससे उसे काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
