यूनियन बजट 2026 में पीएम सूर्य घर स्कीम के लिए बड़ा ऐलान हो सकता है। सरकार ने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में लॉन्च की थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका आधिकारिक उद्घाटन 13 फरवरी, 2024 को किया था। सरकार के अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को बताया कि सरकार की कोशिश इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल का इस्तेमाल बढ़ाने पर है। सरकार रिन्यूएबल एनर्जी की ग्रोथ तेज करने के लिए ग्रिड से जुड़ी बाधाओं को भी दूर कर रही है।
2026 में 50-55 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का टारगेट
केंद्रीय रिन्यूएबल एनर्जी मिनिस्टर प्रह्लाद जोशी ने पिछले महीने मनीकंट्रोल को एक इंटरव्यू में बताया था कि सरकार ने 2026 में 50-55 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का टारगेट तय किया है। इसके लिए सरकार इस योजना पर खर्च बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाने में रूफटॉप सोलर की बड़ी भूमिका है। इससे परिवारों का बिजली पर होने वाला खर्च घट रहा है। साथ ही डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को पीक डिमांड मैनेज करने में आसानी हो रही है।
यूनियन बजट 2025 में 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन
यूनियन बजट 2025 में सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। जोशी ने कहा था, "जहां तक FY27 का सवाल है तो इसमें किसी तरह की बाधा नहीं है। मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी को जो भी मदद चाहिए, वह फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि यह प्राइम मिनिस्टर का विजन है।" उन्होंने कहा कि मैं इतना बता सकता हूं कि पीएम सूर्य घर, रिन्यूएबल पावर और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन टॉप प्रायरिटी में शामिल होंगे।
19 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं
पीएम सूर्य घर के तहत सरकार ने मार्च 2026 तक 40 लाख परिवारों को लाने का टारगेट तय किया है। अधिकारियों ने बताया कि 2027 तक इस स्कीम के तहत आने वाले परिवारों की संख्या एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। 9 दिसंबर, 2025 तक इस स्कीम के तहत 19.45 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम्स लगाए जा चुके हैं। इसका फायदा 24.35 लाख से ज्यादा परिवारों को मिल रहा है। कम से कम एक बिलिंग साइकिल में 7.7 लाख से ज्यादा कंज्यूमर्स का बिजली बिल जीरो आया है। सरकार ने इस योजना के तहत अब तक करीब 13.926 करोड़ रुपये डिस्बर्स किया है।
बजट में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी रहेगा फोकस
1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार का फोकस रहने की उम्मीद है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के मुताबिक, देश में 50,000 सर्किट किलोमीटर से ज्यादा इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन लाइन की जरूरत है। साथ ही 2030 तक बड़े सबस्टेशन कपैसिटी को रिन्यूएबल एनर्जी से इंटिग्रेट करना होगा। सिर्फ ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होगा।