Budget 2026: सरकार के इन उपायों से रियल एस्टेट सेक्टर को लग सकते हैं पंख

रियल एस्टेट ऐसा सेक्टर है, जिसकी अच्छी ग्रोथ का फायदा कई दूसरी इंडस्ट्री को भी मिलता है। इनमें स्टील,सीमेंट, लाइटिंग, पेंट्स जैसी इंडस्ट्रीज शामिल हैं। रियल एस्टेट सेक्टर बड़ी संख्या में रोजगार के मौके पैदा करने में भी सक्षम है

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 8:13 PM
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रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से अपने लिए इंडस्ट्री के दर्जे की मांग कर रहा है।

रियल एस्टेट सेक्टर में कई सालों बाद रौनक लौटी है। रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ अच्छी रहने से कई दूसरे सेक्टर्स को भी फायदा होता है। इस सेक्टर को यूनियन बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में अगर सरकार कुछ उपायों का ऐलान करती है तो इससे रियल एस्टेट इंडस्ट्री के साथ-साथ घर खरीदारों को भी फायदा होगा।

एफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा में बदलाव जरूरी

स्टर्लिंग डेवलपर्स के चेयरमैन एवं एमडी रमानी शास्त्री ने कहा कि इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी है, जिससे लोगों की आमदनी बढ़ी है। इससे कई लोग लंबी अवधि के लिहाज से रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में इनवेस्ट करना चाहते हैं। लेकिन, कई खरीदारों के लिए एफोर्डबिलिटी एक बड़ा मसला है। अगर सरकार एफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा में बदलाव करती है तो इससे खासकर शहरी इलाकों में घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि घरों की डिमांड बढ़ाने के लिए पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को इंटरेस्ट में सब्सिडी का फायदा दिया जा सकता है।


जीएसटी के नियमों को तर्कसंगत बनाने से होगा फायदा

रियल एस्टेट सेक्टर ने अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर जीएसटी के नियमों में बदलाव करने की भी मांग की है। साथ ही हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को एप्रूवल की प्रक्रिया तेज करने की जरूरत है। इससे प्रोजेक्ट तैयार होने में देरी की समस्या से निजात मिलेगी। शास्त्री ने कहा कि सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट भी बढ़ाने की जरूरत है। अभी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। शास्त्री ने कहा कि सरकार को इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना चाहिए। इससे हाउसिंग सेक्टर की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। अभी यह टैक्स बेनेफिट्स इनकम टैक्स की सिर्फ नई रीजीम में मिलता है।

रियल एस्टेट सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा मिलना चाहिए

रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से अपने लिए इंडस्ट्री के दर्जे की मांग कर रहा है। सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार इस बार बजट में यह मांग पूरी कर सकती है। इंडस्ट्री का दर्जा मिलने से रियल एस्टेट कंपनियों को रियायती इंटरेस्ट रेट पर कर्ज मिल सकेगा। इससे इस सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। साथ ही प्रोजेक्ट्स समय पर तैयार करने में मदद मिलेगी।

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रियल एस्टेट की अच्छी ग्रोथ से दूसरे सेक्टर्स को भी फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रियल एस्टेट ऐसा सेक्टर है, जिसकी अच्छी ग्रोथ का फायदा कई दूसरी इंडस्ट्री को भी मिलता है। इनमें स्टील,सीमेंट, लाइटिंग, पेंट्स जैसी इंडस्ट्रीज शामिल हैं। रियल एस्टेट सेक्टर बड़ी संख्या में रोजगार के मौके पैदा करने में भी सक्षम है। इस सेक्टर को अगर सरकार बढ़ावा देती है तो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

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