Taxable Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड पर अब सबको नहीं मिलेगी टैक्स छूट, Budget ने इन निवेशकों को दिया शॉक

Taxable Sovereign Gold Bond: सोवेरेन गोल्ड बॉन्ड्स निवेशकों को काफी आकर्षित किया। इसकी एक वजह तो मेच्योरिटी पर टैक्स फ्री रिटर्न है। हालांकि अब इसमें ऐसी लिमिट लग गई है कि सभी के लिए मेच्योरिटी पर रिटर्न टैक्स फ्री नहीं रहा। जानिए कि बजट से किस ऐलान से सोवरेन गोल्ड बॉन्ड्स के निवेशकों को झटका लगा है?

अपडेटेड Feb 02, 2026 पर 1:08 PM
Story continues below Advertisement
Sovereign Gold Bond एक सरकारी योजना है जिसे सरकार के बदले में आरबीआई जारी करता है।

Taxable Sovereign Gold Bond: सोवरेन गोल्ड बॉन्ड से रिटर्न पर टैक्स। यह मत समझिए कि सोवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर मेच्योरिटी पर टैक्स-फ्री रिटर्न मिल जाएगा क्योंकि इससे जु़ड़े नियम बदलने वाले हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट में इसका ऐलान किया है। अभी सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की नई खेप तो आ नहीं रही है लेकिन स्टॉक मार्केट में इसका लेन-देन हो रहा है तो कई निवेशक यहीं से खरीदारी कर टैक्स-फ्री रिटर्न के फेर में रहते हैं लेकिन अब इस पर रोक लग जाएगी। वित्त मंत्री ने ऐलान कर दिया कि SGB यानी सोवरेन गोल्ड बॉन्ड्स पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स की छूट सबको नहीं मिलेगी।

फिर किसे मिलेगी SGB से कैपिटल गेन्स पर टैक्स की छूट?

वित्त मंत्री के ऐलान के मुताबिक अगर किसी निवेशक ने सोवरेन गोल्ड बॉन्ड को इश्यू के ही समय खरीदा था यानी कि जब सरकार ने इसे जारी किया था, तभी इसमें पैसे लगाए और मेच्योरिटी तक होल्ड किया है तो रिटर्न टैक्स फ्री रहेगा। वहीं अगर इस गोल्ड बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज यानी सेकंडरी मार्केट में खरीदा है तो मेच्योरिटी पर जो मुनाफा होगा, उस पर टैक्स देना होगा।


कब तक रहेगा टैक्स-फ्री वाला मौजूदा नियम?

अभी स्थिति ऐसी है कि स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड एसजीबी को खरीदते हैं और मेच्योरिटी तक होल्ड करते हैं तो मुनाफे पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2027 से यानी 1 अप्रैल 2026 से अगर ये बॉऩ्ड्स एक्सचेंज पर खरीदते हैं तो मेच्योरिटी पर जो मुनाफा होगा, उस पर टैक्स देनदारी बनेगी।

Sovereign Gold Bond ने निवेशकों को दिया शानदार रिटर्न

सोवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी योजना है जिसे सरकार के बदले में आरबीआई जारी करता है। इसमें निवेशकों को 24 कैरट की शुद्धता वाले गोल्ड में निवेश का मौका मिलता है। गोल्ड के उतार-चढ़ाव के हिसाब से निवेश की वैल्यू भी ऊपर-नीचे होती है। साथ ही इसमें निवेश की खास बात ये है कि सालाना 2.5% की दर से दो किश्तो में ब्याज मिलता है। इसकी मेच्योरिटी पीरियड 8 साल की है और मेच्योरिटी पर पूरा मुनाफा टैक्स-फ्री रहता है। अगर पहले ही निकालते हैं तो मुनाफे पर टैक्स देना पड़ सकता है लेकिन 5 साल से पहले निकासी नहीं कर सकते हैं। हालांकि यह स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होता है तो डीमैट खाते के जरिए कभी भी इसका लेन-देन हो सकता है।

पहली बार इसमें निवेश का मौका नवंबर 2015 में खुला था। उस समय निवेशकों को न्यूनतम 2 ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम गोल्ड में निवेश का मौका मिला। उस समय इसमें निवेश पर सालाना 2.75% की ब्याज दर फिक्स की गई थी जिसे बाद में नए बॉन्ड्स के लिए घटाकर 2.5% कर दी गई। पहले गोल्ड बॉन्ड इश्यू का प्राइस प्रति ग्राम ₹2684 तय किया गया था। इसकी इश्यू डेट 30 नवंबर 2015 थी जिसका 8 साल बाद यानी मेच्योरिटी पर ₹6132 के भाव पर रिडेम्प्शन हुआ और निवेशकों का सालाना 10.87% के सीएजीआर से रिटर्न मिला।

Gold Price: साल के आखिर तक $6300 पर पहुंच जाएगा सोना! JP Morgan ने जताई उम्मीद

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।