टैक्स एक्सपर्ट्स भारत के बजट से लॉन्ग-टर्म सेविंग्स इंसेंटिव्स को रीसेट करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि मौजूदा प्रावधान महंगाई, जीवन जीने की बढ़ती जीवन और रोजगार के बदलते पैटर्न के साथ तालमेल बिठाने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा यह भी मांग है कि इनकम-टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाया जाए। अभी पुरानी आयकर व्यवस्था में इस सेक्शन के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। यह लिमिट पिछले एक दशक से ज्यादा समय से अपरिवर्तित है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब यह सीमा मध्यम वर्ग के परिवारों की वित्तीय जरूरतों के अनुसार नहीं रह गई है।
