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Budget 2026: टैक्सपेयर्स को एलटीसीजी में मिलेगी बड़ी राहत, ये बदलाव कर सकती हैं निर्मला सीतारमण

सरकार ने यूनियन बजट 2024 में कैपिटल गेंस के नियमों में बड़े बदलाव किए थे। इससे टैक्सपेयर्स को फायदा हुआ है। लेकिन, अब भी एक ही तरह के एसेट्स के लिए एलटीसीजी के लिए होल्डिंग पीरियड अलग-अलग हैं। यह फर्क खत्म करने की जरूरत है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 29, 2026 पर 7:07 PM
Budget 2026: टैक्सपेयर्स को एलटीसीजी में मिलेगी बड़ी राहत, ये बदलाव कर सकती हैं निर्मला सीतारमण
लिस्टेड कंपनियों के शेयरों को 12 महीने से ज्यादा समय तक रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस लागू होता है, जबकि अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों के लिए यह पीरियड 24 महीना है।

कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बीते दशकों में बड़े बदलाव हुए हैं। पहले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी टैक्स लगता था। 2004 में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) की शुरुआत के साथ कैपिटल गेंस टैक्स के नियम बदल गए। लिस्टेड कंपनियों के शेयर्स और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स जिनपर एसटीटी चुकाया गया है, उन्हें लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (एलटीसीजी) टैक्स से छूट दे दी गई।

2018 में दोबारा एलटीसीजी की शुरुआत

दोबारा 2018 में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के लिए एलटीसीजी टैक्स शुरू किया गया। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 112ए के तहत 1,00,000 रुपये से ज्यादा एलटीसीजी पर 10 फीसदी टैक्स लगाया गया। 31 जनवरी, 2018 तक हुए गेंस को ग्रैंडफादरिंग का प्रोटेक्शन मिला।

2024 में एलटीसीजी के नियमों में बड़े बदलाव

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