टैक्सपेयर्स सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले डिडक्शन का सबसे ज्यादा फायदा उठाते हैं। इस सेक्शन के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने 2014 के बाद इस सेक्शन के तहत डिडक्शन की लिमिट नहीं बढ़ाई है। अभी एक वित्त वर्ष में इस सेक्शन के तहत मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। सवाल है कि क्या वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश बजट में सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाएंगी?
