Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से आम आदमी को क्या-क्या हैं उम्मीदें?

Union Budget 2026: इस बार वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का फोकस इनकम टैक्स के नियमों को आसान बनाने पर रहेगा। यह साल इनकम टैक्सपेयर्स के लिए खास है। इस साल 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। हालांकि, इसमें टैक्स के नियमों में बुनियादी बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन टैक्स के नियमों की लैंग्वेज आसान बनाने पर जोर दिया गया है

अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 2:03 PM
Story continues below Advertisement

यूनियन बजट पेश होने में कुछ दिन बचे हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगी। इस बजट से आम आदमी खासकर टैक्सपेयर्स को काफी उम्मीदें हैं। पिछले यूनियन बजट में वित्तमंत्री ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी थी। उन्होंने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री कर दी थी।

टैक्स के नियमों को आसान बनाने से होगा फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार भी वित्तमंत्री का फोकस इनकम टैक्स के नियमों को आसान बनाने पर रहेगा। यह साल इनकम टैक्सपेयर्स के लिए खास है। इस साल 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। हालांकि, इसमें टैक्स के नियमों में बुनियादी बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन टैक्स के नियमों की लैंग्वेज आसान बनाने पर जोर दिया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे आम आदमी को टैक्स के नियमों को समझने में दिक्कत नहीं होगी।


आईटीआर फॉर्म्स की ज्यादा संख्या से उलझन 

अभी अलग-अलग तरह के टैक्सपेयर्स के लिए आधा दर्जन से ज्यादा आईटीआर फॉर्म्स हैं। इससे टैक्सपेयर्स को काफी कनफ्यूजन होता है। टैक्सपेयर्स से आईटीआर फॉर्म्स के चुनाव में गलती होती है। फॉर्म्स भरने में भी गलती की आशंका बनी रहती है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए सरकार आईटीआर फॉर्म्स की संख्या घटा सकती है। कम फॉर्म्स होने से टैक्सपेयर्स को आईटीआर फॉर्म के चुनाव में गलती होने की आशंका भी कम हो जाएगी।

नई रीजीम में भी एजुकेशन लोन पर डिडक्शन

अभी एजुकेशन लोन पर डिडक्शन की सुविधा इनकम टैक्स की सिर्फ पुरानी रीजीम में मिलती है। सिर्फ पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स सेक्शन 80ई के तहत एजुकेशन लोन पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार एजुकेशन लोन पर डिडक्शन का फायदा नई रीजीम में भी देना चाहिए। इससे मिडिल क्लास के लोगों को काफी फायदा होगा। पढ़ाई महंगी होने से एजुकेशन लोन पर लोगों की निर्भरता बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें: Budget 2026-2027: क्या निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रीजीम को खत्म करने का ऐलान करेंगी?

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल बढ़ाने के उपाय

दिल्ली जैसे बड़े शहरों में प्रदूषण की समस्या काफी बढ़ गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल बढ़ाकर पॉल्यूशन में कमी की जा सकती है। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स और कार खरीदने के लिए इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को कम इंटरेस्ट रेट पर लोन की सुविधा दी जा सकती है। लोन के इंटरेस्ट रेट पर डिडक्शन की इजाजत भी दी जा सकती है। इससे लोगों की दिलचस्पी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने में बढ़ेगी। लोग पेट्रोल व्हीकल्स की जगह इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदना पसंद करेंगे।

यह भी पढ़ें: Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations Live

टीडीएस के कई रेट्स की वजह से कनफ्यूजन

अभी टीडीएस के कई रेट्स लागू हैं। अलग-अलग तरह के पेमेंट के लिए अलग-अलग रेट्स हैं। इससे टैक्सपेयर्स को दिक्कत होती है। सरकार को टीडीएस के रेट्स की संख्या में कमी करनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे कंप्लायंस भी बढ़ेगा। पेमेंट से पहले टैक्सपेयर्स को पता होगा कि टीडीएस कितना कटने वाला है। अभी पेमेंट के बाद टैक्सपेयर्स को टीडीएस के रेट के बारे में पता चलता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।