Budget Senior Citizens 2026: सीनियर सिटीजंस पर होगा फोकस, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने सहित होंगे ये ऐलान

सीनियर सिटीजंस को टैक्स स्ट्रक्चर और आसान होने की उम्मीद है। वे अपने लिए ज्यादा बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट, हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा डिडक्शंस और इनफ्लेशन के असर से बचाव के उपाय चाहते हैं

अपडेटेड Jan 29, 2026 पर 1:57 PM
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बजट में हेल्थ पॉलिसी पर सीनियर सिटीजंस के लिए डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जा सकती है।

इस बार यूनियन बजट में सीनियर सिटीजंस पर सरकार का फोकस रह सकता है। पिछले साल बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का फोकस मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स पर था। इस बार निर्मला सीतारमण एनपीएस पर टैक्स बेनेफिट्स बढ़ाने और बुजुर्गों के लिए ज्यादा कवरेज वाली हेल्थ स्कीम का ऐलान कर सकती हैं। निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को दिन में 11 बजे अगले वित्त वर्ष का यूनियन बजट पेश करेंगी।

टैक्स स्ट्रक्चर और आसान होने की उम्मीद

Aquilaw के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (टैक्स) राजर्षि दासगुप्ता ने कहा, "सीनियर सिटीजंस को टैक्स स्ट्रक्चर और आसान होने की उम्मीद है। वे अपने लिए ज्यादा बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट, हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा डिडक्शंस और इनफ्लेशन के असर से बचाव के उपाय चाहते हैं।" एनालिस्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स एक्ट के तहत 60 से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए कई तरह के डिडक्शंस उपलब्ध हैं। इसके बावजूद Union Budget में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने से बुजुर्गों को काफी राहत मिलेगी।


इंटरेस्ट इनकम पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ेगी

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80टीटीबी के तहत 60 से 80 साल की उम्र के लोगों को सेविंग्स और फिक्स्ड डिपॉजिट से 50,000 रुपये तक की इंटरेस्ट इनकम पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। एनालिस्ट्स का कहना है कि यूनियन बजट 2026 में डिडक्शन की यह लिमिट बढ़ाई जानी चाहिए। यह डिडक्शन इनकम टैक्स की सिर्फ ओल्ड रीजीम में मिलती है। सेक्शन 80डी के तहत सीनियर सिटीजंस के लिए क्रिटिकल इलनेस के इलाज के लिए हेल्थ पॉलिसी पर डिडक्शन की लिमिट बढ़नी चाहिए। टीसीएस और टीडीएस के रेट्स भी कम होने चाहिए।

सेक्शन 87ए के तहत कैपिटल गेंस पर भी रिबेट की इजाजत

एनालिस्ट्स का कहना है कि कई सीनियर सिटीजंस को कैपिटल गेंस के रूप में पैसिव इनकम होती है। लेकिन कैपिटल गेंस से होने वाले प्रॉफिट को सेक्शन 87ए के तहत रिबेट नहीं मिलता है। सिरील अमरचंद मंगलदास के पार्टनर कुणाल सवानी ने कहा, "उम्मीद है कि सरकार कैपिटल गेंस से ऐसे प्रॉफिट पर सीनियर सिटीजंस को सेक्शन 87ए के तहत रिबेट का फायदा देगी।"

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हेल्थ पॉलिसी पर सीनियर सिटीजंस को ज्यादा डिडक्शन 

एनपीएस पर भी टैक्स बेनेफिट्स बढ़ाने की जरूरत है। अभी इनकम टैक्स की नई और पुरानी दोनों रीजीम में सेक्शन 80सीसीडी के तहत एनपीएस में डिडकशन की इजाजत है। पीबी फिनटेक की रिटायरमेंट प्लानिंग इकाई पेंशनबाजार के प्रमुख विश्वजीत गोयल ने कहा, "अगर इनकम टैक्स की नई रीजीम में भी एनपीएस पर टैक्स बेनेफिट्स बढ़ाए जाते हैं तो इससे लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट सेविंग्स को बढ़ावा मिलेगा।" एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि हेल्थ पॉलिसी पर अभी सीनियर सिटीजंस के लिए डिडक्शन की लिमिट काफी कम है। इसे जल्द बढ़ाने की जरूरत है।

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