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भारत में इंश्योरेंस लेते समय इन बातों को रखें ध्यान, वरना बाद मे होंगे परेशान

Insurance: जब भी लोग इंश्योरेंस खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (CSR) पर ध्यान देते हैं। यानी कंपनी कितने प्रतिशत क्लेम का पेमेंट करती है। यह एक अहम पैमाना जरूर है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ CSR देखकर इंश्योरेंस लेना सही नहीं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 27, 2025 पर 6:49 PM
भारत में इंश्योरेंस लेते समय इन बातों को रखें ध्यान, वरना बाद मे होंगे परेशान
Insurance: जब भी लोग इंश्योरेंस खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (CSR) पर ध्यान देते हैं।

Insurance: जब भी लोग इंश्योरेंस खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (CSR) पर ध्यान देते हैं। यानी कंपनी कितने प्रतिशत क्लेम का पेमेंट करती है। यह एक अहम पैमाना जरूर है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ CSR देखकर इंश्योरेंस लेना सही नहीं। पॉलिसी की डिटेल, कंपनी की फाइनेंशियल हालत और ग्राहक अनुभव भी उतना ही जरूरी है। भारत में इंश्योरेंस लेने से पहले इन बातों को पर जरूर ध्यान दें। वरना बाद में आप परेशान हो सकते हैं।

पॉलिसी कवरेज और सम एश्योर्ड

प्रोबस के डायरेक्टर राकेश गोयल बताते हैं कि CSR के अलावा सबसे पहले सम एश्योर्ड देखना जरूरी है। यह इतनी अमाउंट होनी चाहिए कि जरूरत पड़ने पर आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को संभाल सके। इसके अलावा यह भी चेक करना जरूरी है कि पॉलिसी में क्या-क्या शामिल है और क्या नहीं।

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