CGHS: केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नया आदेश जारी किया है। अब डिस्पेंसरी से दवाई न मिलने पर बाहर दुकान से दवाई लेना आसान होगा। नए नियमों के तहत अब मरीज ओपीडी की दवाएं बिना नॉन-अवेलेबिलिटी सर्टिफिकेट (NAC) के खुले बाजार यानी रिटेल शॉप से खरीद सकते हैं।
अब तक CGHS के अंतर्गत अगर कोई दवाई वेलनेस सेंटर या अस्पताल में नहीं होती थी, तो NAC लेना जरूरी होता था। इस प्रमाणपत्र के बिना मरीज बाहर से दवा खरीदने पर उसका पैसा वापिस यानी रिंबर्समेंट नहीं करा सकते थे। लेकिन अब तकनीकी दिक्कतों के चलते सरकार ने NAC की शर्त को अस्थायी रूप से हटा दिया है।
HMIS में बदलाव के कारण हुए नियम आसान
28 अप्रैल 2025 से CGHS का पूरा सिस्टम एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया गया है। पहले यह सिस्टम NIC के प्लेटफॉर्म पर चलता था, लेकिन अब इसे C-DAC के डेवलप किये नए हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) पर लाया गया है।
इस बदलाव के कारण कई मरीजों को दवाएं मिलने में परेशानी हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 28 अप्रैल से 31 मई 2025 तक एक महीने की विशेष छूट दी है। अब मरीज सिर्फ डॉक्टर की वैलिड पर्ची के आधार पर बाहर से दवा खरीद सकते हैं और उन्हें रिंबर्समेंट भी मिलेगा, भले ही उन्होंने NAC नहीं लिया हो।
CGHS ने बंद की पुरानी वेबसाइटें
पहले CGHS की दो वेबसाइटें – www.cghs.gov.in और www.cghs.nic.in – काम कर रही थीं। इन्हें अब बंद कर दिया गया है और नई आधिकारिक वेबसाइट www.cghs.mohfw.gov.in शुरू कर दी गई है। सरकार के अनुसार इस नई प्रणाली से दवाई देने और अन्य सर्विस में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
मरीजों को दवाओं के रिंबर्समेंट के लिए इन जगहों पर बिल और डॉक्टर की पर्ची के साथ अप्लाई करना होगा।
पेंशनर्स: संबंधित शहर/जोन के CGHS एडिशनल डायरेक्टर के पास, CMO के फॉरवर्डिंग के बाद रिंबर्समेंट मिलेगा।
सेवारत कर्मचारी: अपने विभाग में रिंबर्समेंट के अप्लाई कर सकते हैं।
सांसद (MPs): राज्यसभा या लोकसभा सचिवालय के जरिए अप्लाई कर सकते हैं।
स्वायत्त संस्थान और एयर इंडिया के कर्मचारी: अपने संबंधित संस्थान के ऑफिस के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं।
20 साल पुराना सिस्टम हुआ बंद
CGHS का पुराना डिजिटल सिस्टम 2005 में शुरू हुआ था और इसे पिछले 20 सालों में कभी अपडेट नहीं किया गया था। 26 अप्रैल 2025 को सभी CGHS वेलनेस सेंटर्स को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया और 28 अप्रैल को पुरानी वेबसाइट्स भी बंद कर दी गईं। अब सभी सर्विस केवल नई वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और पूरी CGHS प्रणाली डिजिटल हो गई है।