Edelweiss की सीईओ Radhika Gupta इस साल की शुरुआत में मां बनी थीं। उसके बाद उन्होंने वर्क-लाइफ बैलेंस के बारे में बताया था। अब उन्होंने बच्चों के फाइनेंशियस फ्यूचर को सेक्योर करने के बारे में सलाह दी है। उनका मानना है कि बच्चे के जन्म लेने के तुरंत बाद से ही उसके लिए इनवेस्टमेंट शुरू कर देना चाहिए।
गुप्ता ने बताया कि जून में उनके बेटी रेमी के जन्म के बाद उन्होंने और उनके पति Nalin Moniz ने उसके सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स बनवा लिए। इसमें आधार कार्ड और पैन शामिल थे। उन्होंने चिल्ड्रेंस डे से पहले इस बारे में विस्तार से सीएनबीसी-टीवी18 को बताया। उन्होंने कहा, "हम आधार कार्ड ऑफिस गए और बेटे की सुंदर फोटो खिंचाई। अगले हफ्ते उसका पहले निवेश होने वाला है, क्योंकि अब जाकर उसका बैंक अकाउंट खुला है।"
गुप्ता ने इस बारे में ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने बताया है कि वह अपने बेटे के लिए एक लार्ज कैपट और मिडकैप इंडेक्स फंड में SIP शुरू करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए पावर ऑफ कपाउंडिंग का खूब फायदा मिलता है। आप जितना जल्द इनवेस्टमेंट शुरू करते हैं, उतना ज्यादा फायदा होता है। बच्चों को पैसा मैनेज करना सिखाने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है कि उनके लिए इनवेस्टमेंट किया जाए।
Edelweiss की सीईओ ने कहा कि एक बात मैं अपने बच्चे को जो सिखाना चाहती हूं वह यह कि उन्हें पैसे का वैल्यू करना आना चाहिए। बच्चों को इस बात के लिए शुक्रगुजार होना चाहिए कि उनके पास ऐसी कई सुविधाएं हैं, जो उनके माता-पिता और उनके दादा-दादी के पास नहीं थीं। उन्हें उन मौकों का खूब फायदा उठाना चाहिए, जो आज देश में नई पीढ़ी को उपलब्ध हैं।
गुप्ता बेटे को जन्म देने के छह हफ्ते बाद ही काम पर लौट आई थीं। उस वक्त उन्होंने अपने काम और मां की जिम्मेदारियों के बीच के संतुलन के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, "छह हफ्ते के मातृत्व के दौरान मैंने भावनाओं के कई रंग देखे। उन्हें पोस्ट में बयां करना मुमकिन नहीं है। लेकिन, वर्क-लाइफ बैलेंस के बारे में एक बार में जरूर कह सकती हूं कि हममें से हर व्यक्ति को इसका सामना करना पड़ता है।" उन्होंने ये बातें लिंक्डइन पर कही थी। वह इंडिया में सबसे कम उम्र की सीईओ में से एक हैं।